{"_id":"5ea7e7188ebc3e909c3bdb30","slug":"young-man-reached-hospital-to-donate-blood-after-car-challan-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जज्बा: चालान कटा फिर भी नहीं डिगा हौसला, रक्तदान करने अस्पताल पहुंचा युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जज्बा: चालान कटा फिर भी नहीं डिगा हौसला, रक्तदान करने अस्पताल पहुंचा युवा
Tue, 28 Apr 2020 01:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 28 Apr 2020 01:51 PM IST
विज्ञापन
वाहन चालकों की जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन में रक्तदान करने निकले युवाओं का पुलिस ने चालान काट दिया। घर जाने की सलाह भी दी, लेकिन वे नहीं माने और जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान किया। राप्तीनगर के आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि मोटरसाइकिल से ब्लड देने आ रहे थे। इस बीच पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। कारण बताने पर भी वे नहीं माने और चालान काट दिया।
विज्ञापन
इसी तरह, खोराबार के रामपुर डाड़ी के प्रदीप चौधरी ने बताया कि रविवार को कार से रक्तदान के लिए जाते समय पैडलेगंज में ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ के बाद कारण बताने पर जाने तो दिया, लेकिन रक्तदान के बाद जब प्रदीप घर पहुंचे तो मोबाइल फोन पर ई-चालान का मैसेज आया देख हतप्रभ रह गए। उन्होंने फोन पर अधिकारियों से शिकायत की। कहा कि वाजिब कारण बताने के बाद भी चालान काट देना समझ से परे है।
विज्ञापन
यह ठीक नहीं, कोई सिस्टम तो बनाना पड़ेगा
रक्तदान करने जा रहे हैं, यह बताने के बाद भी जिस तरह से चालान काटा गया कि यह किसी भी तरह से उचित नहीं। यह माना जा सकता है कि वाहन चालक झूठ बोलकर जान चाह रहे हों।
विज्ञापन
ऐसी दशा में पुलिस को एक सिस्टम बनाना चाहिए की वह वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लें और उन्हें इस हिदायत के साथ अपना व्हाट्एसएप नंबर दे दें कि रक्तदान के बाद प्रमाण पत्र की फोटो भेज दें। यदि उसी दिन प्रमाण पत्र मिल जाए तो ठीक वरना ई चालान काट सकते हैं। रक्तदान करने के लिए कोई सिस्टम बनाकर पास भी जारी किए जा सकते हैं।
58 साल की उम्र और स्कूटी से निकल पड़ीं रक्तदान करने
एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने कहा कि अगर कोई रक्तदान करने जाता है तो उसका चालान नहीं काटा जाएगा। यदि किसी का चालान हो गया है तो वह रक्तदान के प्रमाणपत्र के साथ मेरे आफिस में संपर्क करें। उनका चालान नियमानुसार माफ किया जाएगा।
बड़गो की शकुंतला मिश्रा 58 साल की हैं। अखबार के जरिए उन्हें पता चला कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी है, तो वह अपनी स्कूटी से निकल पड़ीं और जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। नंदानगर के सैनिक कुंज के रहने वाले अश्विनी कुमार ने भी रक्तदान किया।
रक्तदान कर दी सीएम के पिता को श्रद्धांजलि
गोरखपुर। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय ब्लड बैंक में सोमवार को रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। निवर्तमान भाजपा महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, अरविंद गुप्ता, मनोज आनंद, हृदयेश पुरी, गौरव मिश्रा, संतोष सिंह, धनेश सराफ, अजय गुप्ता महादान का हिस्सा बने। श्री गुरूनानक देव रक्तदान सेवा सोसाइटी की ओर से आयोजित शिविर के आयोजक जगनैन सिंह नीटू ने बताया कि महादान के माध्यम से सीएम के पिता को श्रद्धांजलि दी गई।
बड़गो की शकुंतला मिश्रा 58 साल की हैं। अखबार के जरिए उन्हें पता चला कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी है, तो वह अपनी स्कूटी से निकल पड़ीं और जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। नंदानगर के सैनिक कुंज के रहने वाले अश्विनी कुमार ने भी रक्तदान किया।
रक्तदान कर दी सीएम के पिता को श्रद्धांजलि
गोरखपुर। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय ब्लड बैंक में सोमवार को रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। निवर्तमान भाजपा महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, अरविंद गुप्ता, मनोज आनंद, हृदयेश पुरी, गौरव मिश्रा, संतोष सिंह, धनेश सराफ, अजय गुप्ता महादान का हिस्सा बने। श्री गुरूनानक देव रक्तदान सेवा सोसाइटी की ओर से आयोजित शिविर के आयोजक जगनैन सिंह नीटू ने बताया कि महादान के माध्यम से सीएम के पिता को श्रद्धांजलि दी गई।