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योग को जन-जन तक पहुंचाने में पुरातन छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण : प्रो. पूनम टंडन
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डीडीयू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास करतीं कुलपति प्रो. पूनम टंडन व अन्य।
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पुरातन छात्र विश्वविद्यालय परिवार का अभिन्न अंग हैं। वह योग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर समाज में स्वास्थ्य एवं सकारात्मकता के संदेशवाहक बन सकते हैं।
कुलपति शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित द्विसाप्ताहिक योग कार्यक्रम श्रृंखला के तहत पुरातन छात्रों के साथ आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पुरातन छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि योग को बढ़ावा देना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इसे केवल संस्थान तक सीमित न रखकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए, जिससे स्वस्थ, जागरूक एवं संतुलित समाज का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम में पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित उपाध्याय ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने पूर्व छात्रों से संवाद करने के निरंतर उपाय करता रहेगा। इस दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. विनीता पाठक, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. कुशल नाथ मिश्र, डॉ. मनीष पांडेय, डॉ. के. सुनीता, डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद समेत बड़ी संख्या में पुरातन छात्रों ने योगाभ्यास किया। योगाचार्य विनय मल्ल ने योगासनों व प्राणायाम का अभ्यास कराया।
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कुलपति शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित द्विसाप्ताहिक योग कार्यक्रम श्रृंखला के तहत पुरातन छात्रों के साथ आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पुरातन छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि योग को बढ़ावा देना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इसे केवल संस्थान तक सीमित न रखकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए, जिससे स्वस्थ, जागरूक एवं संतुलित समाज का निर्माण हो सके।
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कार्यक्रम में पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित उपाध्याय ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने पूर्व छात्रों से संवाद करने के निरंतर उपाय करता रहेगा। इस दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. विनीता पाठक, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. कुशल नाथ मिश्र, डॉ. मनीष पांडेय, डॉ. के. सुनीता, डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद समेत बड़ी संख्या में पुरातन छात्रों ने योगाभ्यास किया। योगाचार्य विनय मल्ल ने योगासनों व प्राणायाम का अभ्यास कराया।
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