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Gorakhpur News: मंडल के 3.40 लाख उपभोक्ताओं का बना गलत बिजली बिल, निदेशक ने भी जताई थी नाराजगी

Wed, 22 Nov 2023 02:03 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 22 Nov 2023 02:03 PM IST
सार

मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि बिलिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली सही नहीं होने की वजह से अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रभाव पड़ रहा है। राजस्व की भी क्षति हो रही है। कई बार कार्यप्रणाली में सुधार लाने और इनके बिल में से लगभग तीन करोड़ रुपये की कटौती पहले की जा चुकी है।

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Wrong electricity bill made for 3.40 lakh consumers of gorakhpur division
बिजली बिल। (सांकेतिक) - फोटो : amar ujala

विस्तार

बिजली निगम गोरखपुर मंडल के 3.40 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल आईडीएफ और आरडीएफ श्रेणी में बना दिया गया। बिलिंग एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा अब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा। इनके बिल में सुधार कर जबतक सही बिल नहीं बनेंगे, इन्हें एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ नहीं मिलेगा।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक वाणिज्य राजेंद्र प्रसाद ने 16 नवंबर को हुई समीक्षा बैठक में बिलिंग एजेंसी से जवाब-तलब किया। उन्होंने इस महीने 40 फीसदी बिलिंग होने पर नाराजगी जताई है। निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि एजेंसी के मीटर रीडर जान बूझकर गलत बिल बना रहे हैं।
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जून 23 से बिलिंग के आंकड़े पर गौर किया जाए तो हर माह आरडीएफ व आईडीएफ श्रेणी में बिल बनने के मामले बढ़े हैं। डिफेक्टिव बिलिंग के मामले में पूर्व में दिए गए निर्देश पर कोई अमल नहीं हुआ है। इस माह प्रोब बिलिंग भी महज 16 फीसदी कनेक्शनों पर हुई है। बिलिंग की यह स्थिति ठीक नहीं है। गलत बिल बनने से उपभोक्ताओं के साथ ही निगम को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में सामूहिक दुष्कर्म: गहरे अवसाद में गई किशोरी..चीखती है तो कभी दौड़ती है

मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि बिलिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली सही नहीं होने की वजह से अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रभाव पड़ रहा है। राजस्व की भी क्षति हो रही है। कई बार कार्यप्रणाली में सुधार लाने और इनके बिल में से लगभग तीन करोड़ रुपये की कटौती पहले की जा चुकी है। फिर भी सुधार नहीं है।
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