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Gorakhpur News: गोरैया हमारे जीवन का हिस्सा, संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी

Fri, 20 Mar 2026 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Fri, 20 Mar 2026 02:45 AM IST
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World Sparrow Day celebrated in Municipal Corporation, nests distributed
गोरखपुर। एक दौर में गोरैया पक्षियों के झुंड, बिन बुलाए मेहमान होने के बावजूद स्वागत योग्य, अविस्मरणीय यादें बनाते थे। समय के साथ ये हमारी जिंदगी से गायब हो रहे हैं। बहुतायत में पाई जाने वाली घरेलू गौरैया दुर्लभ दृश्य और रहस्य बन गई है। इनके संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी हम सब की है।
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ये बातें विश्व गोरैया दिवस के उपलक्ष्य में नगर निगम, हेरिटेज फाउंडेशन, गोरखपुर वन प्रभाग एवं शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान की ओर से आयोजित ‘घोंसला वितरण एवं सम्मान समारोह’ के दौरान मेयर डॉ मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहीं। नगर निगम सदन हाॅल में आयोजित कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र, प्रमोद कुमार, हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे भी उपस्थित रहे।
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डॉ मंगलेश ने कहा कि विश्व गौरैया दिवस पर हम सब को आसपास ज्यादा हरियाली लाने, कीटनाशकों के उपयोग को कम करने उनके लिए सुरक्षित घोंसला बनाने जैसे प्रयास का संकल्प लेना चाहिए।
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डीएफओ विकास यादव ने कहा कि 2010 से विश्व गोरैया दिवस मनाने का शुरू हुआ सिलसिला 50 देशों में प्रसार पा चुका है। 2012 में घरेलू गौरैया को दिल्ली का राज्य पक्षी घोषित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मनीष वर्मा पृथ्वी मित्र से सम्मानित किए गए। साथ ही स्कूली 100 बच्चों में घोंसले वितरित किए गए। गौरैया पर फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।कार्यक्रम में गौरव पांडेय, दिनेश कुमार बिरौनिया, महेश पांडेय, अजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।


नगर निगम और वन विभाग ने उठाए कदम
डीएफओ विकास यादव ने बताया कि नगर निगम और वन विभाग मिलकर सर्वाधिक संख्या में गौरैया को आकर्षित करने और उन्हें सुरक्षित आश्रय देने के लिए छिपने, बैठने और घोंसला बनाने के लिए बोगनवेलिया, मेहंदी, करोंदा, गुड़हल, नीम, आम, अमरूद के पौधे लगाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। डिवाइडर के मध्य की जगहों, नगर निगम के पार्कों और अन्य स्थानों पर मियावॉकी पद्धति से स्थानीय महत्व के गोरैया और पक्षियों को आकर्षित करने वाले पौधे लगाए जा रहे हैं।
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