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World Hypertension Day: नमक और मोटापा से बढ़ रहा उच्च रक्तचाप, पूर्वांचल में असर अधिक
Wed, 17 May 2023 02:41 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 17 May 2023 02:41 PM IST
सार
डॉ. कुणाल ने बताया कि जिन्हें बीपी की समस्या है। वह लोग अक्सर एक हाथ की बीपी चेक कराते हैं। जबकि, ऐसा नहीं होना चाहिए। उच्च रक्तचाप की सही रीडिंग के लिए दोनों हाथों की जांच जरूरी है। दोनों हाथों का उच्च रक्तचाप लें और अगर रीडिंग में फर्क है तो डॉक्टर से सलाह जरूर करें।
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हाइपरटेंशन
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विस्तार
नमक और मोटापे से उच्च रक्तचाप (बीपी, हाइपरटेंशन) की समस्या लोगों में बढ़ती जा रही है। वहीं, अगर मरीज को शुगर और कोलेस्ट्रॉल की दिक्कतें भी हैं, तो ऐसे लोगों को 70 से 75 फीसदी हार्ट-अटैक का खतरा है। डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे लोग अगर दवा खा रहे हैं, तो उसे बीच में बंद न करें। वरना यह लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सिंह ने बताया कि पूर्वांचल में नमक ज्यादा खाने की समस्या हर घर में हैं। यही नमक ऐसे लोगों को हाइपरटेंशन की तरफ ले जा रहे हैं। उस पर मोटापा ऐसे लोगों के लिए और खतरनाक है। बताया कि हर घर में लोग आचार, मिर्ची सहित अन्य तीखी चीजें खाते हैं। इसमें नमक ज्यादा रहता है।
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ऐसे लोगों को सलाह दी जाती है कि नमक का इस्तेमाल कम करें। साथ ही कहा कि अधिक चिंता वाली बात यह है कि इसके शिकार अब 22 से लेकर 40 साल के युवा हो रहे हैं। हर 10 में चार युवा उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिल रहे हैं। इनमें आइसोलेटड उच्च रक्तचाप की समस्या मिल रही है। इसमें केवल युवाओं को उच्च रक्तचाप की समस्या है। उनका शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ा नहीं मिला है। ऐसे युवाओं को 30 फीसदी हार्ट-अटैक का खतरा है।
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वहीं, जिन मरीजों का वजन ज्यादा बढ़ रहा हैं उनमें बीएमडी (बॉडी मास इंडेक्स) की शिकायतें मिल रही हैं, ऐसे मरीजों 70 फीसदी मरीजों को उच्च रक्तचाप की समस्या देखने को मिल रही है। ऐसे 50 फीसदी मरीजों को हार्ट-अटैक का खतरा ज्यादा है।
30 से 35 फीसदी बीमारी आनुवांशिक
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि उच्च रक्तचाप की समस्या भी आनुवांशिक बीमारी है। 30 से 35 फीसदी लोगों में यह बीमारी अपने माता-पिता से आती है। सिर दर्द, नाक से खून आना, धुंधला दिखना, चक्कर आना, पेशाब में खून आना, सांस तेज चलना या सांस लेने में तकलीफ होना, दिल की धड़कन बढ़ना और थकान होने जैसे लक्षण अगर लगातार बने हुए हैं तो यह उच्च रक्तचाप हैं।
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दोनों हाथों की बीपी जांच जरूरी
डॉ. कुणाल ने बताया कि जिन्हें बीपी की समस्या है। वह लोग अक्सर एक हाथ की बीपी चेक कराते हैं। जबकि, ऐसा नहीं होना चाहिए। उच्च रक्तचाप की सही रीडिंग के लिए दोनों हाथों की जांच जरूरी है। दोनों हाथों का उच्च रक्तचाप लें और अगर रीडिंग में फर्क है तो डॉक्टर से सलाह जरूर करें। अगर एक हाथ रीडिंग में बढ़ा हुआ है तो बिना घबराए पांच मिनट बाद दोबारा भी नाप सकते हैं।
16 से 20 फीसदी लोगों की चल रही दवा
सीएमओ ने बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019-21) के मुताबिक 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 16.8 फीसदी महिलाओं और 20.7 फीसदी पुरुषों के बीपी का स्तर ज्यादा है। ऐसे लोगों को दवाएं दी जा रही है।
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दोनों हाथों की बीपी जांच जरूरी
डॉ. कुणाल ने बताया कि जिन्हें बीपी की समस्या है। वह लोग अक्सर एक हाथ की बीपी चेक कराते हैं। जबकि, ऐसा नहीं होना चाहिए। उच्च रक्तचाप की सही रीडिंग के लिए दोनों हाथों की जांच जरूरी है। दोनों हाथों का उच्च रक्तचाप लें और अगर रीडिंग में फर्क है तो डॉक्टर से सलाह जरूर करें। अगर एक हाथ रीडिंग में बढ़ा हुआ है तो बिना घबराए पांच मिनट बाद दोबारा भी नाप सकते हैं।
16 से 20 फीसदी लोगों की चल रही दवा
सीएमओ ने बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019-21) के मुताबिक 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 16.8 फीसदी महिलाओं और 20.7 फीसदी पुरुषों के बीपी का स्तर ज्यादा है। ऐसे लोगों को दवाएं दी जा रही है।