Gorakhpur News: पत्नी के प्रेमी ने दोस्तों संग की थी राजमिस्त्री की हत्या, शराब पिलाकर रेत दिया था गला
सपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पत्नी अनीता का प्रेम संबंध अपनी छोटी बहन के जेठ अमरजीत से था। दोनों शादी करना चाहते थे, इस वजह से राजमिस्त्री गिरजेश उर्फ गोलू को रास्ते से हटाना चाहते थे।
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गोरखपुर जिले के बड़हलगंज में राजमिस्त्री गिरजेश उर्फ गोलू की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी से कराई थी। प्रेमी ने अपने मौसेरे भाई व दोस्त संग मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। बुधवार को पुलिस ने पत्नी समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर लिया। जांच में सामने आया कि पत्नी का अपनी छोटी बहन की जेठ से प्रेम संबंध था और रास्ते से हटाने के लिए हत्या कर डाली। हत्या के बाद आरोपियों ने शव और चाकू संग फोटो खींचकर अपने दोस्त को भी भेजा था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बांसगांव के दोनखर निवासी अमरजीत, बड़हलगंज के मरवट निवासी दुर्गेश, बरहज, देवरिया के विशेषर पटेल उर्फ गोलू और बारीडीहा निवासी अनिता के रूप में हुई है। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि पत्नी अनीता का प्रेम संबंध अपनी छोटी बहन के जेठ अमरजीत से था।
दोनों शादी करना चाहते थे, इस वजह से राजमिस्त्री गिरजेश उर्फ गोलू को रास्ते से हटाना चाहते थे। पत्नी के कहने पर प्रेमी अमरजीत ने अपने मौसेरे भाई विशेषर पटेल व मित्र दुर्गेश को साथ मिलाकर तीन फरवरी की रात में राजमिस्त्री गिरजेश उर्फ गोलू को पहले शराब पिलाई फिर चाकू से उसका गला रेत कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद सभी ने शव के साथ एक फोटो भी खींची थी, जिसमें अमरजीत के हाथ में चाकू था और शव नीचे पड़ा था तथा गर्दन रेता हुआ था। साथ ही अमरजीत का मित्र गर्दन पर चढ़ा था। वहीं हत्या के बाद मृतक के मोबाइल फोन से भोर में हत्यारोपी ने पत्नी अनीता से बात भी की थी।
हत्यारोपी अमरजीत चार फरवरी की सुबह भी जहां शव मिला था, वहां और पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद था। बाद में जब उसे लगा कि वह पकड़ा जाएगा, तब वह हरिद्वार भाग गया। पुलिस ने जब मृतक व उसकी पत्नी के मोबाइल फोन का सीडीआर निकलवाया, तब पूरा मामला खुल गया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या का राज उगल दिया।
ऐसे आरोपियों तक पहुंची है पुलिस
चार फरवरी को हत्या कर फेंकी गई लाश मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की थी। पुलिस को पत्नी पर उस समय पहली बार शक हुआ जब उसने चार फरवरी की सुबह ही अपने एक रिश्तेदार से कहा कि वहां गिरजेश का शव पड़ा है। शव लाकर दाह संस्कार कर दो और पुलिस को सूचना मत दो। उस व्यक्ति ने शव मिलने के बाद यह बात थाने के एक दरोगा को बता दिया। तभी से पहली बार पुलिस को पत्नी पर शक हुआ।
इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो सीआआर से साफ हो गया कि मौत से कुछ देर पहले तक मृतक गिरिजेश के मोबाइल फोन का इस्तेमाल हुआ है, जबकि पत्नी ने तीन फरवरी की शाम ही बंद होने की जानकारी दी थी। मोबाइल लोकेशन और सीडीआर से पुलिस साक्ष्य जुटाने के बाद पत्नी को हिरासत में ली और पूरी घटना खुलकर सामने आ गई।
रात में बना था मीट, लेकिन किसी ने नहीं खाया
कई बार बयान बदलने की वजह से संदेह होने की वजह से पुलिस पत्नी की गतिविधियों की जांच करने लगी। एक बार पत्नी ने बताया कि पति ने मुर्गा खरीदकर लिया है, दूसरी बार बोली बड़हलगंज से लाई और फिर बोली कि बाग के पास से खुद खरीदा है।