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विशेषज्ञ करेंगे विश्लेषण: महिलाओं का क्यों बदल रहा व्यवहार, बीआरडी में होगा शोध
Wed, 22 Nov 2023 02:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 22 Nov 2023 02:56 PM IST
सार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आमिल हयात खान ने कहा कि महिलाओं के व्यवहार में परिवर्तन पर एक शोध अध्ययन करने का प्रस्ताव है। इसकी रूपरेखा बना ली गई है। यह अध्ययन हालांकि लंबा चलेगा, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि वह कौन सी सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक या शारीरिक कारण है, जिससे महिलाओं के व्यवहार में परिवर्तन आता है।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
महिलाओं का व्यवहार क्यों बदल रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज का मानसिक रोग विभाग इसको समझने के लिए शोध करने जा रहा है। शोध के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जाएगा कि वे कौन से कारक हैं, जिसके चलते व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है।
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अपने समाज में घर संभालने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाओं पर होती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ परिवार में उसकी जिम्मेदारी और रिश्ते भी बढ़ते जाते हैं। कामकाजी होने के बाद महिलाओं की भूमिका और अधिक बढ़ गई है। वह घर संभालने के साथ-साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए नौकरी या व्यवसाय में भी हाथ आजमा रही हैं। लेकिन, इन सबके बीच रिश्तों की डोर भी कमजोर हुई है। दंपती में विवाद के मामले तो बढ़ ही रहे हैं, परिवार में भी आपसी सामंजस्य कमजोर हो रहा है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के प्रो. आमिल हयात खान बताते हैं कि मानसिक तनाव की स्थिति में पहुंचे पुरुष या महिलाओं की काउंसिलिंग के दौरान यह बात निकल कर सामने आती है कि व्यवहार में परिवर्तन के चलते दिक्कतें अधिक हैं। पहले जहां महिलाएं विकट परिस्थितियों में भी रिश्ते व परिवार को बचाए रखने के लिए प्रयास करती थीं, वहीं अब उनकी तरफ से भी प्रतिक्रिया जल्दी आ रही है। रिश्तों में आदर की भावना कमजोर हुई है।
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उन्होंने कहा कि महिला के मामले में अभी भी यह दिक्कत है कि उन्हें एक घर के माहौल से निकलकर दूसरे घर के माहौल में खुद को ढालना होता है। जो महिलाएं व्यवहार को नियंत्रित कर पाती हैं, वे तो दोनों घरों को संभाल लेती हैं, लेकिन जो ऐसा नहीं कर पातीं, उनका घर जल्दी टूटता है। मानसिक रोग विभाग इसी बात पर अध्ययन करेगा कि वह कौन से ऐसे कारक हैं, जिसके चलते व्यवहार में सामान्य या असामान्य परिवर्तन आ रहा है।
ऐसे होगा अध्ययन
इस पर अध्ययन के लिए समाज के अलग-अलग वर्ग की शादी योग्य हो चुकी लड़कियों को चुना जाएगा। इन लड़कियों की पारिवारिक स्थिति, सामाजिक स्थिति, पढ़ाई, नौकरी, मित्र, घरेलू कामकाज, घर के अन्य सदस्यों से मेल मिलाप, रुचि, योग्यता, क्षमता, शारीरिक स्वास्थ्य आदि का डॉटा तैयार किया जाएगा। इसके बाद इन्हीं लड़कियों के विवाह के बाद ससुराल में पति समेत अन्य परिजनों से संबंध, घर के कामकाज, नौकरी, बच्चे, पड़ोसियों से संबंध, मित्र मंडली आदि के बीच गतिविधियां आदि का डॉटा एकत्रित किया जाएगा। इससे यह समझने का प्रयास होगा कि शादी से पूर्व और शादी से बाद किसी लड़की के जीवन में किस तरह का बदलाव आया और इसके पीछे का प्रमुख कारक क्या रहा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आमिल हयात खान ने कहा कि महिलाओं के व्यवहार में परिवर्तन पर एक शोध अध्ययन करने का प्रस्ताव है। इसकी रूपरेखा बना ली गई है। यह अध्ययन हालांकि लंबा चलेगा, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि वह कौन सी सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक या शारीरिक कारण है, जिससे महिलाओं के व्यवहार में परिवर्तन आता है। इस आधार पर मानसिक तनाव घटाने व अन्य मानसिक बीमारियों के इलाज में तो मदद मिलेगी ही, आगे आने वाली चुनौतियों के बारे में भी अनुमान लगाया जा सकेगा।
ऐसे होगा अध्ययन
इस पर अध्ययन के लिए समाज के अलग-अलग वर्ग की शादी योग्य हो चुकी लड़कियों को चुना जाएगा। इन लड़कियों की पारिवारिक स्थिति, सामाजिक स्थिति, पढ़ाई, नौकरी, मित्र, घरेलू कामकाज, घर के अन्य सदस्यों से मेल मिलाप, रुचि, योग्यता, क्षमता, शारीरिक स्वास्थ्य आदि का डॉटा तैयार किया जाएगा। इसके बाद इन्हीं लड़कियों के विवाह के बाद ससुराल में पति समेत अन्य परिजनों से संबंध, घर के कामकाज, नौकरी, बच्चे, पड़ोसियों से संबंध, मित्र मंडली आदि के बीच गतिविधियां आदि का डॉटा एकत्रित किया जाएगा। इससे यह समझने का प्रयास होगा कि शादी से पूर्व और शादी से बाद किसी लड़की के जीवन में किस तरह का बदलाव आया और इसके पीछे का प्रमुख कारक क्या रहा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आमिल हयात खान ने कहा कि महिलाओं के व्यवहार में परिवर्तन पर एक शोध अध्ययन करने का प्रस्ताव है। इसकी रूपरेखा बना ली गई है। यह अध्ययन हालांकि लंबा चलेगा, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि वह कौन सी सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक या शारीरिक कारण है, जिससे महिलाओं के व्यवहार में परिवर्तन आता है। इस आधार पर मानसिक तनाव घटाने व अन्य मानसिक बीमारियों के इलाज में तो मदद मिलेगी ही, आगे आने वाली चुनौतियों के बारे में भी अनुमान लगाया जा सकेगा।