Gorakhpur: सफेद दाग दे रहा लोगों को तनाव, लोग समझ रहे कुष्ठ रोग
विटिलिगो यानी सफेद दाग एक तरह का शरीर में विकार है। इसकी वजह से त्वचा में रंग की कमी हो जाती है। रंगद्रव्य के नुकसान से त्वचा पर कई तरह के पैटर्न बन जाते हैं। यह बीमारी इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी पैदा करता है।
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सफेद दाग लोगों को तनाव दे रहा है। इस बीमारी की वजह से लोग मानसिक रूप से भी बीमार हो रहे हैं। इलाज कराने से भी परहेज करते हैं। जबकि, साइंस की भाषा में इस बीमारी को विटिलिगो कहते हैं। समय रहते इसका इलाज हो जाए तो इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि गलत खान-पान और पर्यावरण में हो रहे परिवर्तन की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जिला अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 25 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें कई ऐसे हैं, जो मानसिक रोग विभाग में भी पहुंच रहे हैं। इसकी वजह यह है कि लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक नहीं है। साथ ही सामाजिक नजर में इस बीमारी को बताने से बचते हैं। इसकी वजह से वह मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि जागरूकता के अभाव में लोग इसे कुष्ठ रोग समझ लेते हैं और इलाज से बचते हैं। जबकि, दोनों बीमारियां अलग-अलग है। जिला अस्पताल में 10 से 15 मरीज सफेद दाग की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। यह बीमारी इम्यून सिस्टम को बिगाड़ देता है। इस पर शोध भी चल रहा है।
क्या है सफेद दाग
विटिलिगो यानी सफेद दाग एक तरह का शरीर में विकार है। इसकी वजह से त्वचा में रंग की कमी हो जाती है। रंगद्रव्य के नुकसान से त्वचा पर कई तरह के पैटर्न बन जाते हैं। यह बीमारी इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी पैदा करता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने की वजह से शरीर के अंदर मिलने वाली कोशिकाएं रंग बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं।
मानसिक तनाव में आ रहे मरीज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. तपस कुमार आईच ने बताया कि सफेद दाग लोगों को तनाव दे रहा है। इसकी वजह से लोग मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं। इस तरह के केस लगातार आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर कम उम्र की युवतियां और युवक हैं, जिन्हें शादी करनी है। उन्हें समझाया जा रहा है कि इसका समय रहते इलाज संभव है। ऐसे में उनकी काउंसिलिंग भी की जा रही है।