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Gorakhpur News: चंद्रमा को देखते हुए लोगो ने समझा टर्मिनेटर का रहस्य
Sun, 20 Sep 2026 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:40 AM IST
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गोरखपुर। अंतरराष्ट्रीय चंद्र अवलोकन रात्रि के अवसर पर शनिवार को गोरखपुर समेत दुनियाभर में लोगों ने चंद्रमा का अवलोकन किया। खगोल प्रेमियों ने खुले आसमान के नीचे चंद्रमा को निहारा और उसकी सतह पर मौजूद क्रेटर, पर्वतों और उजले-अंधेरे हिस्सों को समझने का प्रयास किया। नासा की ओर से आयोजित इस वैश्विक कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को चंद्रमा, चंद्र विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण से जोड़ना है।
खगोलविद व एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रथम चौथाई अवस्था में चंद्रमा शाम के समय आसानी से दिखाई देता है। इस दौरान चंद्रमा के प्रकाशित और अंधेरे हिस्से को अलग करने वाली सीमा को टर्मिनेटर कहा जाता है। टर्मिनेटर के आसपास सूर्य की रोशनी से बनने वाली लंबी परछाइयों के कारण चंद्र सतह के क्रेटर, पर्वत और अन्य भू-आकृतियां अधिक स्पष्ट नजर आती हैं। अमर पाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं है। लोगों ने नंगी आंखों से भी चंद्रमा का अवलोकन किया जबकि बाइनोकुलर और टेलीस्कोप की मदद से इसकी सतह की बारीकियां देखीं। विद्यार्थियों और विज्ञान प्रेमियों ने चंद्रमा के चरणों, क्रेटर और पर्वतों के बारे में जानकारी हासिल की।
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खगोलविद व एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रथम चौथाई अवस्था में चंद्रमा शाम के समय आसानी से दिखाई देता है। इस दौरान चंद्रमा के प्रकाशित और अंधेरे हिस्से को अलग करने वाली सीमा को टर्मिनेटर कहा जाता है। टर्मिनेटर के आसपास सूर्य की रोशनी से बनने वाली लंबी परछाइयों के कारण चंद्र सतह के क्रेटर, पर्वत और अन्य भू-आकृतियां अधिक स्पष्ट नजर आती हैं। अमर पाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं है। लोगों ने नंगी आंखों से भी चंद्रमा का अवलोकन किया जबकि बाइनोकुलर और टेलीस्कोप की मदद से इसकी सतह की बारीकियां देखीं। विद्यार्थियों और विज्ञान प्रेमियों ने चंद्रमा के चरणों, क्रेटर और पर्वतों के बारे में जानकारी हासिल की।
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