जिला महिला अस्पताल मामला: कौन सी एंटीबायोटिक से हुई एलर्जी, कमेटी को भी नहीं पता
महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार देर रात एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने से 13 भर्ती मरीजों की हालत बिगड़ गई थी। एक-एक करके महिलाओं को मिचली, उल्टी, चक्कर, आंखों में जलन सहित खुजली की शिकायत होने लगी। इस पर महिलाओं के परिजनों ने करीब तीन घंटे तक हंगामा किया।
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जिला महिला अस्पताल के 100 शैया के एमसीएच विंग में भर्ती 13 मरीजों को कौन से एंटीबायोटिक से शरीर पर दुष्प्रभाव हुआ, यह तीन सदस्यीय कमेटी भी नहीं जान सकी है। कमेटी ने सीएमओ को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें इस बात का जिक्र किया है। अब कमेटी को ड्रग विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है। जिसके आने में कम से कम 20 से 25 दिन का समय लग सकता है।
बताया जा रहा है कि तकनीकी रूप से कमेटी को यह पता नहीं चल पाया है कि किस एंटीबायोटिक का असर मरीजों के शरीर पर हुआ है। क्योंकि, वही एंटीबायोटिक मरीजों करीब सात घंटे पहले भी लगाई गई थी।
कमेटी के अध्यक्ष व महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. जय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया केवल यही कारण समझ में आया है कि एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगने से मरीजों को एलर्जी हुई है। मरीजों को दो अलग-अलग एंटीबायोटिक लगाए गए थे। ऐसे में किसका दुष्प्रभाव शरीर पर पड़ा, यह बता पाना मुश्किल है।
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ऐसे में जब तक ड्रग विभाग की जांच में यह जानकारी नहीं हो जाती कि कौन से एंटीबायोटिक इंजेक्शन में दिक्कत थी तब तक कुछ भी बता पाना संभव नहीं है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि चार एंटीबायोटिक इंजेक्शन के नमूने लिए गए हैं, जिसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है जिसे शासन को भेजी गई है। अब ड्रग विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है।
शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है इंजेक्शन का दुष्प्रभाव
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि एंटीबायोटिक इंजेक्शन के एलर्जी से शरीर के किसी भी अंग पर उसका दुष्प्रभाव हो सकता है। इसमें ज्यादा वक्त भी नहीं लगता। अच्छी बात यह थी कि शरीर पर दुष्प्रभाव का असर महिलाओं पर ज्यादा नहीं हुआ। समय रहते एंटी एलर्जी लगा दी कि इसकी वजह से उनकी जान बच गई।
यह था मामला
महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार देर रात एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने से 13 भर्ती मरीजों की हालत बिगड़ गई थी। एक-एक करके महिलाओं को मिचली, उल्टी, चक्कर, आंखों में जलन सहित खुजली की शिकायत होने लगी। इस पर महिलाओं के परिजनों ने करीब तीन घंटे तक हंगामा किया। शासन ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांग ली। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने जांच कमेटी बनाई थी।