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Gorakhpur News: जब लेनदेन का कोई प्रमाण ही नहीं तो कैसे हुई अभियंताओं पर कार्रवाई
Tue, 19 Sep 2023 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 19 Sep 2023 01:32 AM IST
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बिजली अभियंताओं ने मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर कार्यालय का किया घेराव
तीन बिंदुओं पर अभियंताओं ने कार्रवाई पर खड़े किए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मंडल के तीन अभियंताओं के निलंबन के दूसरे दिन सोमवार को अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर कार्यालय का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। अभियंताओं ने कहा कि निलंबन का आदेश सिर्फ वाहवाही लूटने की नीयत से किया गया है। अभियंताओं ने सवाल उठाया कि क्या रुपये के लेनदेन का कोई भी वीडियो प्रमाण सामने है? नहीं है तो किस आधार पर कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि कनेक्शन देने की पूरी कार्रवाई अभियंताओं की तरफ से की गई। इसमें किसी की ओर से अनियमितता नहीं बरती गई। क्या कनेक्शन दिए जाने को लेकर बैंक या अन्य किसी की तरफ से कभी शिकायत आई थी? आदेश में साफ है कि लाइन शाम को काट दी गई थी। लेकिन लाइन काटने या रुपये मांगे जाने की शिकायत किसी के द्वारा किसी अभियंता से की गई थी? अगर की गई थी और उसके बाद विलंब हुआ तो इसमें उनके पर्यवेक्षणीय पद की लापरवाही प्रतीत होती और प्रबंधन की कार्रवाई का सभी अभियंता सहयोग करते।
उन्होंने कहा कि संविदाकर्मियों को काम से हटाने या किसी प्रकार की कार्रवाई करने का अधिकार एसई, एक्सईन, एसडीओ और जेई के पास नहीं है। ऐसे में उनकी गलती की सजा अभियंताओं को दे दी गई।
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तीन बिंदुओं पर अभियंताओं ने कार्रवाई पर खड़े किए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मंडल के तीन अभियंताओं के निलंबन के दूसरे दिन सोमवार को अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर कार्यालय का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। अभियंताओं ने कहा कि निलंबन का आदेश सिर्फ वाहवाही लूटने की नीयत से किया गया है। अभियंताओं ने सवाल उठाया कि क्या रुपये के लेनदेन का कोई भी वीडियो प्रमाण सामने है? नहीं है तो किस आधार पर कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि कनेक्शन देने की पूरी कार्रवाई अभियंताओं की तरफ से की गई। इसमें किसी की ओर से अनियमितता नहीं बरती गई। क्या कनेक्शन दिए जाने को लेकर बैंक या अन्य किसी की तरफ से कभी शिकायत आई थी? आदेश में साफ है कि लाइन शाम को काट दी गई थी। लेकिन लाइन काटने या रुपये मांगे जाने की शिकायत किसी के द्वारा किसी अभियंता से की गई थी? अगर की गई थी और उसके बाद विलंब हुआ तो इसमें उनके पर्यवेक्षणीय पद की लापरवाही प्रतीत होती और प्रबंधन की कार्रवाई का सभी अभियंता सहयोग करते।
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उन्होंने कहा कि संविदाकर्मियों को काम से हटाने या किसी प्रकार की कार्रवाई करने का अधिकार एसई, एक्सईन, एसडीओ और जेई के पास नहीं है। ऐसे में उनकी गलती की सजा अभियंताओं को दे दी गई।
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