{"_id":"694309d6c6b95815450e71c1","slug":"when-his-bricklayer-father-extended-a-helping-hand-the-laborer-son-joined-punjab-kings-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1168557-2025-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: राजमिस्त्री पिता ने बढ़ाया हाथ तो मजदूर बेटा चला पंजाब किंग्स के साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: राजमिस्त्री पिता ने बढ़ाया हाथ तो मजदूर बेटा चला पंजाब किंग्स के साथ
विज्ञापन
विज्ञापन
आईपीएल में चयन के बाद विशाल के घर में जश्न का माहौल, पहले पिता संग करता था मजदूरी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आईपीएल में जंगल अयोध्या प्रसाद, लहसड़ी के रहने वाले विशाल निषाद के चयन की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। विशाल के पिता उमेश निषाद राजमिस्त्री हैं। घर की माली हालत सुधारने के लिए पहले विशाल भी पिता के काम में हाथ बंटाते हुए मजदूरी करता था। जब पिता ने उसकी क्रिकेट की ललक देखी तो मजदूरी छुड़ाकर प्रैक्टिस के लिए भेज दिया। आईपीएल में विशाल के चयन के बाद अब पिता उमेश गदगद हैं। उन्होंने कहा-बेटा प्रतिभाशाली है। मेरा नाम रौशन करेगा।
पंजाब किंग्स की टीम में चयन के बाद से विशाल के घर में जश्न का माहौल है। विशाल ने सिक्टौर के ही एक निजी विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई की है। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। वह पिता उमेश निषाद के साथ मजदूरी करता था ताकि उनका हाथ बंटा सके। पिता ने बताया कि विशाल का मन इस काम में नहीं लगता था। उसके दोस्त भी कहते थे कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है। अक्सर वह खेलने के लिए चला जाता था।
पिता ने बताया कि बेटे के जज्बे और लगन काे देखकर मजदूरी से रोक दिया। प्रैक्टिस के लिए संस्कृति एकेडमी में भेजा। उनके ह्रदय रोगी होने की वजह से कुछ दिन बाद एकेडमी ने विशाल से फीस लेना बंद कर दिया। पिता ने बताया कि रात में नौ बजे के करीब उसके चयन का पता चला। इसके बाद गांव के लोग घर पर आ गए। सभी ने उसको बधाई दी। इसके बाद रणजी कैंप के लिए कॉल आई और वह निकल गया। विशाल तीन भाइयों में सबसे छोटा है। एक बहन है जिसकी शादी हो गई है।
विज्ञापन
...........
अखबार से निकालता था विराट कोहली की फोटो
विशाल के दोस्त बलिराम निषाद ने बताया कि वह विराट कोहली का बहुत बड़ा फैन है। मैच में भी 18 नंबर की जर्सी पहनता है। स्कूल में अखबार आता था तो वह सबसे पहले लेकर छत पर चला जाता था। उसमें से विराट कोहली की फोटो को निकालकर अपने पास रखता था। बाद में अखबार को वहीं रख देता था। दूसरा कोई अखबार उठाता तो उसमें से फोटो गायब रहता था।
...
पहले करता था मीडियम पेस गेंदबाजी
बलिराम ने बताया कि विशाल शुरुआत में मीडियम पेस गेंदबाजी करता था। एकेडमी में जाने के बाद अंगद और विनीत पांडेय ने उसकी बॉलिंग को देखा। वह स्लोअर बॉल और कटर काफी अच्छा फेंकता था। इसी को देखते हुए उसे स्पिन बॉलिंग करने की सलाह दी। बाद में वह इसमें काफी सफल हुआ।
........
अश्विन के देखता था वीडियो
विशाल के दोस्तों ने बताया कि वह अक्सर यू-ट्यूब पर भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और वरुण चक्रवर्ती की वीडियो देखता था। वहीं से उसने कैरम बॉल और गुगली डालना सीखा। मैच में इसी तरह बॉलिंग करने की कोशिश की जिसमें उसे सफलता भी मिली। बलिराम ने बताया कि विशाल काे मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स से भी ट्रायल के लिए बुलाया गया था। बाद में पंजाब किंग्स से भी बुलाया गया।
.........
मैच के लिए स्कूल से निकल जाता था
विशाल के दोस्तों ने बताया कि मैच खेलने के लिए हमेशा तैयार रहता था। कई बार तो वह स्कूल से भी चुपके से निकला जाता था। उसने अपने दम पर टीम को बहुत मैच जिताए। मैच जीतने के बाद पार्टी होती थी। घर में उसके बहुत सी ट्रॉफी रखी हुई हैं। दोस्तों ने बताया कि वह गांव के कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहता था। गांव में दोस्तों के साथ मां लक्ष्मी की मूर्ति भी स्थापित करवाता था।
..........
गांव में दोस्तों ने देखा लाइव ऑक्शन
विशाल के चाचा के लड़के सूर्या ने बताया कि मंगलवार की शाम से ही सभी लोग ऑक्शन को लाइव देख रहे थे। रात में जैसे ही पंजाब किंग्स ने बोली लगाई तो खुशी की लहर दौड़ गई। सब लोग जोश में नारे लगाने लगे। इसे देख गांव के लोग भी जुट गए। रात में ही अंकुश, आर्यन, अमृत और गांव के अन्य लड़कों ने पटाखे फोड़े।
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आईपीएल में जंगल अयोध्या प्रसाद, लहसड़ी के रहने वाले विशाल निषाद के चयन की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। विशाल के पिता उमेश निषाद राजमिस्त्री हैं। घर की माली हालत सुधारने के लिए पहले विशाल भी पिता के काम में हाथ बंटाते हुए मजदूरी करता था। जब पिता ने उसकी क्रिकेट की ललक देखी तो मजदूरी छुड़ाकर प्रैक्टिस के लिए भेज दिया। आईपीएल में विशाल के चयन के बाद अब पिता उमेश गदगद हैं। उन्होंने कहा-बेटा प्रतिभाशाली है। मेरा नाम रौशन करेगा।
पंजाब किंग्स की टीम में चयन के बाद से विशाल के घर में जश्न का माहौल है। विशाल ने सिक्टौर के ही एक निजी विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई की है। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। वह पिता उमेश निषाद के साथ मजदूरी करता था ताकि उनका हाथ बंटा सके। पिता ने बताया कि विशाल का मन इस काम में नहीं लगता था। उसके दोस्त भी कहते थे कि वह बहुत अच्छा गेंदबाज है। अक्सर वह खेलने के लिए चला जाता था।
विज्ञापन
पिता ने बताया कि बेटे के जज्बे और लगन काे देखकर मजदूरी से रोक दिया। प्रैक्टिस के लिए संस्कृति एकेडमी में भेजा। उनके ह्रदय रोगी होने की वजह से कुछ दिन बाद एकेडमी ने विशाल से फीस लेना बंद कर दिया। पिता ने बताया कि रात में नौ बजे के करीब उसके चयन का पता चला। इसके बाद गांव के लोग घर पर आ गए। सभी ने उसको बधाई दी। इसके बाद रणजी कैंप के लिए कॉल आई और वह निकल गया। विशाल तीन भाइयों में सबसे छोटा है। एक बहन है जिसकी शादी हो गई है।
विज्ञापन
...........
अखबार से निकालता था विराट कोहली की फोटो
विशाल के दोस्त बलिराम निषाद ने बताया कि वह विराट कोहली का बहुत बड़ा फैन है। मैच में भी 18 नंबर की जर्सी पहनता है। स्कूल में अखबार आता था तो वह सबसे पहले लेकर छत पर चला जाता था। उसमें से विराट कोहली की फोटो को निकालकर अपने पास रखता था। बाद में अखबार को वहीं रख देता था। दूसरा कोई अखबार उठाता तो उसमें से फोटो गायब रहता था।
...
पहले करता था मीडियम पेस गेंदबाजी
बलिराम ने बताया कि विशाल शुरुआत में मीडियम पेस गेंदबाजी करता था। एकेडमी में जाने के बाद अंगद और विनीत पांडेय ने उसकी बॉलिंग को देखा। वह स्लोअर बॉल और कटर काफी अच्छा फेंकता था। इसी को देखते हुए उसे स्पिन बॉलिंग करने की सलाह दी। बाद में वह इसमें काफी सफल हुआ।
........
अश्विन के देखता था वीडियो
विशाल के दोस्तों ने बताया कि वह अक्सर यू-ट्यूब पर भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और वरुण चक्रवर्ती की वीडियो देखता था। वहीं से उसने कैरम बॉल और गुगली डालना सीखा। मैच में इसी तरह बॉलिंग करने की कोशिश की जिसमें उसे सफलता भी मिली। बलिराम ने बताया कि विशाल काे मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स से भी ट्रायल के लिए बुलाया गया था। बाद में पंजाब किंग्स से भी बुलाया गया।
.........
मैच के लिए स्कूल से निकल जाता था
विशाल के दोस्तों ने बताया कि मैच खेलने के लिए हमेशा तैयार रहता था। कई बार तो वह स्कूल से भी चुपके से निकला जाता था। उसने अपने दम पर टीम को बहुत मैच जिताए। मैच जीतने के बाद पार्टी होती थी। घर में उसके बहुत सी ट्रॉफी रखी हुई हैं। दोस्तों ने बताया कि वह गांव के कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहता था। गांव में दोस्तों के साथ मां लक्ष्मी की मूर्ति भी स्थापित करवाता था।
..........
गांव में दोस्तों ने देखा लाइव ऑक्शन
विशाल के चाचा के लड़के सूर्या ने बताया कि मंगलवार की शाम से ही सभी लोग ऑक्शन को लाइव देख रहे थे। रात में जैसे ही पंजाब किंग्स ने बोली लगाई तो खुशी की लहर दौड़ गई। सब लोग जोश में नारे लगाने लगे। इसे देख गांव के लोग भी जुट गए। रात में ही अंकुश, आर्यन, अमृत और गांव के अन्य लड़कों ने पटाखे फोड़े।