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Gorakhpur News: इस प्यार को क्या नाम दूं- 'लड़की हूं, लड़की से प्यार करती हूं' छोड दिया घर-परिवार
Mon, 08 Jul 2024 07:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अनुराग पांडेय, गोरखपुर
अनुराग पांडेय, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 07:06 AM IST
सार
कैंट इलाके के एक बर्गर प्वाइंट पर नौकरी करने वाली काजल (काल्पनिक नाम) की दोस्ती साथ में काम कर रही अंजलि (काल्पनिक नाम) से हो गई। दोस्ती कब प्यार में बदल गई, दोनों को पता नहीं चला। जब उन्हें इसका अहसास हुआ कि वे दोनाें एक-दूसरे के लिए बने हैं तो उन्होंने मार्च 2024 में साथ रहने का फैसला कर लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कैंट इलाके के एक बर्गर प्वाइंट पर नौकरी करने वाली काजल (काल्पनिक नाम) की दोस्ती साथ में काम कर रही अंजलि (काल्पनिक नाम) से हो गई। दोस्ती कब प्यार में बदल गई, दोनों को पता नहीं चला। जब उन्हें इसका अहसास हुआ कि वे दोनाें एक-दूसरे के लिए बने हैं तो उन्होंने मार्च 2024 में साथ रहने का फैसला कर लिया। यह बात जब उनके घरवालों को पता चली, तो उन्होंने उनके बाहर निकलने पर पांबदी लगा दी।
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काजल के घरवालों ने उसके व्यवहार को पागलपन समझकर झाड़-फूक भी करवाई, लेकिन काजल अपनी जिद पर डटी रही। इसी बीच एक दिन काजल और अंजलि ने घर छोड़ दिया। दोनों शाहपुर इलाके में किराए पर कमरा लेकर साथ रहने लगे।
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इसके बाद भी घरवाले लगातार तरह-तरह से दबाव बनाते रहे। इसी दौरान दोनों को एलजीबीटीक्यू कम्युनिटी पर काम कर रही एक संस्था के बारे में पता चला। वे उनके पास पहुंचे जहां दोनों की काउंसिलिंग हुई। इसके बाद दोनों ने सारे दबावों से निकलकर अपनी जिंदगी को अपनी तरह जीने का फैसला किया।
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काजल जेंडर बदल बनी राहुल
काजल और अंजलि की काउंसिलिंग करने वाली एकता माहेश्वरी ने बताया कि परिवार के दबाव के कारण दोनाें मानसिक रूप से परेशान हो चुकी थीं। काफी काउंसिलिंग के बाद वे सामान्य हो सकीं। उन्होंने बताया कि काजल को लड़कों की तरह रहना पसंद है।
वहीं, अंजलि भी उसे उसी रूप में बहुत पसंद करती है। काउंसिलिंग के बाद दोनों ने शहर छोड़ने का फैसला कर लिया और वे दूसरे शहर चली गईं। वहां काजल जेंडर बदल कर राहुल बन गई है। वह पुरुष बनने के लिए हार्मोन थेरेपी भी ले रही है।
और भी हैं केस
गुलरिहा से भागी दो लड़कियां
गुलरिहा इलाके से दिसंबर 2023 में 18 और 19 वर्ष की दो लड़कियां घर छोड़कर भाग गईं थी। उन्हें पकड़कर थाने लाया गया, पर दोनों ने एक साथ रहने का फैसला सुना दिया। काफी दिनों तक परिवार के लोग प्रताड़ित करते रहे, लेकिन दोनों एक साथ रहने की जिद पर अड़ी रहीं। अब परिवार से अलग दोनों लड़कियां एक साथ रह रही हैं।
लड़की के प्यार में पति को छोड़कर भागी विवाहिता
शाहपुर इलाके में रहने वाली 21 वर्षीय युवती शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में काम करती थी। उसे लड़कों की तरह रहना अच्छा लगता था। इसके लिए घरवाले हमेशा उसे टोकते थे। इसी बीच उसके न चाहने पर भी उसकी शादी कर दी, जबकि वह 16 साल की एक लड़की के साथ रहना चाहती थी।
शादी के बाद परिवार में हमेशा झगड़ा होता। एक दिन वह पति को छोड़कर घर से भाग गई। खोजबीन में वह अपनी दोस्त के साथ मिली। दोनों किराए के कमरे में रह रहे थे। बालिग न होने के कारण विवाहिता को उसके दोस्त से अलग कर दिया गया। दो माह पहले युवती फिर उस लड़की के साथ फरार हो गई। अब घरवाले भी उनको नहीं खोजना चाहते हैं।
एक संस्था से जुड़े 100 जोड़े
गोरखपुर शहर में एलजीबीटीक्यू (लेस्बियन, गे, बाईसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर, क्विअर) कम्युनिटी पर काम करने वाली एकता सेवा संस्थान से 100 से अधिक जोड़े गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के कई जिलों के जुड़े हैं।
एकता सेवा संस्थान की एकता महेश्वरी ने बताया कि हमारे पास जो भी समलैंगिक जोड़े आते हैं उनकी काउंसिल की जाती है। ऐसे 100 से अधिक लोग संस्था से अभी जुड़े हैं, जिन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काम किया जाता है। ऐसे लोग समाज और परिवार दोनों तरफ के ताने सुनकर मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। कई बार तो खुदकुशी की भी सोचने लगते हैं। परिवार को समझना होगा यह कोई बीमारी नहीं प्राकृतिक बदलाव है।
सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष वंदना सिंह ने बताया कि लेस्बियन के मामले बढ़ रहे हैं। हमारे पास कई मामले आ चुके हैं। काउंसिलिंग के बाद भी इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। वह एक साथ ही रहना चाहते हैं। कई मामलों में परिवार के विरोध के बाद लड़कियां घर छोड़कर भाग जाती हैं।