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ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन: बारिश कितनी हुई, अब चौकीदार नहीं; जानकार बताएंगे

Wed, 09 Aug 2023 12:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 09 Aug 2023 12:09 PM IST
सार

जिला प्रशासन के लोगों का कहना है कि प्रत्येक ब्लाॅक में चार-चार जगहों पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए उन जगहों को चिह्नित किया गया है, जहां से बारिश का औसत अनुमान निकाला जा सके। 24 घंटे के भीतर होने वाली बारिश के बारे में सटीक जानकारी के लिए सभी 80 जगहों से आंकड़ा लिया जाएगा।

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How much it rained now there no watchman tell information
दुर्गाबाड़ी रोड पर जमा बारिश का पानी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले में बारिश का हाल अब चौकीदार नहीं, बल्कि डिजिटल उपकरण बताएंगे। जिले में कुल 80 जगहों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे 24 घंटे के भीतर होने वाली बारिश के साथ-साथ हवा की गति और मौसम के संबंध में जानकारियां मिल सकेंगी।

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जिला प्रशासन से जुड़े लोगों का कहना है कि नए वेदर स्टेशन बनाने के लिए स्थान चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। फिलहाल तहसील मुख्यालयों में लगे वर्षा मापी यंत्र से चौकीदार ही बारिश का हाल बता रहे हैं।
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जिलेभर में होने वाली बारिश की जानकारी के लिए तहसील मुख्यालयों में वर्षा मापी यंत्र लगाए गए हैं। तहसील परिसर में ही इनको खुले स्थानों पर स्थापित किया गया है। बारिश को जानने के लिए इस उपकरण में एक प्लास्टिक का टब बनाया गया है, जिसमें बने छेद के जरिए नीचे लगे प्लास्टिक के जार में पानी एकत्र होता है।
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बारिश होने के बाद तहसील के चौकीदार रोजाना सुबह आठ बजे जार को निकालकर उसका मापन करके जिलाधिकारी कार्यालय के नाजिर को बारिश की सूचना देते हैं। लेकिन इससे सूचना का सही आंकलन नहीं हो पाता। वजह यह है कि यदि तहसील परिसर में लगे उपकरण क्षेत्र में बारिश नहीं हुई तो आंकलन कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसके बाद तहसीलकर्मी बीते साल हुई बारिश और अनुमान के आधार पर औसत निकालते हैं।

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इस समस्या को दूर करने के लिए जिलेभर में कुल 80 जगहों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए जगह चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। सदर तहसील में लगे वर्षा मापी यंत्र से चौकीदार इमरान अहमद जानकारी लेकर रोजाना सूचना कलेक्ट्रेट के नाजिर को देते हैं।

 

प्रत्येक ब्लाॅक में बनेंगे चार-चार स्टेशन

जिला प्रशासन के लोगों का कहना है कि प्रत्येक ब्लाॅक में चार-चार जगहों पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए उन जगहों को चिह्नित किया गया है, जहां से बारिश का औसत अनुमान निकाला जा सके। 24 घंटे के भीतर होने वाली बारिश के बारे में सटीक जानकारी के लिए सभी 80 जगहों से आंकड़ा लिया जाएगा। इसके बाद इसका औसत निकाल लिया जाएगा।

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जानकारों का कहना है कि ये वेदर स्टेशन डिजिटल होंगे। तापमान, आर्द्रता, विजिबिलिटी, विंड, बारिश व बर्फ मापन, सूर्य की तपन क्षमता, अल्ट्रा वॉयलेट रेज का प्रतिदिन का डाटा भी जुटाया जा सकेगा। स्टेशन की मदद से क्षेत्र में हल्की, तेज या भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंकाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। इसका सबसे अधिक लाभ खेती में मिलेगा।


 

आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि  बारिश समेत मौसम के संबंध में सटीक जानकारी के लिए ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए 80 जगहों को चुना गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। नए उपकरण पूरी तरह से डिजिटल होंगे। इनसे हर पल जानकारी मिलती रहेगी।

 
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