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सरयू नदी का वेग थमा, लोगों ने ली राहत की सांस
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सरयू नदी का वेग थमा, लोगों ने ली राहत की सांस
बरहज। सरयू नदी का वेग थम गया है। हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी में सैलाब से राप्ती नदी भी उफान पर है। पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में तेजी आई थी। इससे लोगों की सांसे अटक गई थी। नदी की रफ्तार थमने से लोगों ने राहत महसूस की है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से एक मीटर पांच सेमी ऊपर बह रही है।
रविवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से एक मीटर पांच सेमी ऊपर 67.55 मीटर पर बह रही थी। पिछले 24 घंटे से नदी का जलस्तर स्थिर है। दो दिनों पूर्व नदी ने करवट ले ली थी। नदी लगातार बढ़त बना रही थी। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों की सांसें अटकी हुई थीं। जलस्तर थमने से लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की है। नदी के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोले घिरे हुए हैं। जबकि भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। बंधों पर नदी के बढ़ते दबाव को लेकर लोगों के जेहन में तबाही का मंजर कौंध जा रहा है। मदनपुर के केवटलिया, गायघाट में हो रहे कटान को लेकर विभाग बंधों को बचाने में जुटा है। बाढ़ के पानी से मोहरा, मनियापार, समोगर, बरांव, बेलडांड़, नौका टोला, मठियां, कुवाईच टोला, कटइलवा आदि बाढ़ प्रभावित गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई हैं। इस संबंध में सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। फिलहाल हालात सामान्य हैं।
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बरहज। सरयू नदी का वेग थम गया है। हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी में सैलाब से राप्ती नदी भी उफान पर है। पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में तेजी आई थी। इससे लोगों की सांसे अटक गई थी। नदी की रफ्तार थमने से लोगों ने राहत महसूस की है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से एक मीटर पांच सेमी ऊपर बह रही है।
रविवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से एक मीटर पांच सेमी ऊपर 67.55 मीटर पर बह रही थी। पिछले 24 घंटे से नदी का जलस्तर स्थिर है। दो दिनों पूर्व नदी ने करवट ले ली थी। नदी लगातार बढ़त बना रही थी। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों की सांसें अटकी हुई थीं। जलस्तर थमने से लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की है। नदी के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोले घिरे हुए हैं। जबकि भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। बंधों पर नदी के बढ़ते दबाव को लेकर लोगों के जेहन में तबाही का मंजर कौंध जा रहा है। मदनपुर के केवटलिया, गायघाट में हो रहे कटान को लेकर विभाग बंधों को बचाने में जुटा है। बाढ़ के पानी से मोहरा, मनियापार, समोगर, बरांव, बेलडांड़, नौका टोला, मठियां, कुवाईच टोला, कटइलवा आदि बाढ़ प्रभावित गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई हैं। इस संबंध में सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। फिलहाल हालात सामान्य हैं।
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