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पंचायत उपचुनाव: गोरखपुर में बीडीसी के वार्ड नंबर 52 का मतदान निरस्त, जानिए क्या है वजह
Thu, 10 Jun 2021 04:41 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 10 Jun 2021 04:41 PM IST
सार
माफिया सुधीर सिंह की पत्नी अंजू का नामांकन नियम विरुद्ध तरीके से निरस्त करने पर हुई कार्यवाही
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पंचायत उपचुनाव (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर में क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के वार्ड नंबर 52 का मतदान निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी ने लिया है। माफिया सुधीर सिंह की पत्नी अंजू देवी का नामांकन पत्र मनमाने तरीके से नियमों के विरुद्ध जाकर निरस्त करने पर यह कार्यवाही हुई है।
बता दें कि, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य के रिक्त पदों पर उपचुनाव के तहत 12 जून को मतदान होना है। मगर इसके पहले ही इस वार्ड के बीडीसी पद के लिए मतदान निरस्त कर दिया गया। माफिया सुधीर सिंह पिपरौली ब्लॉक का निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख है।
त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य चुनाव के दौरान सुधीर ने वार्ड संख्या 52 जबकि उसकी पत्नी अंजू ने वार्ड संख्या 45 से नामांकन किया था। लेकिन दोनों का पर्चा जांच में खारिज कर दिया गया। अब, जब रिक्त पदों पर लिए फिर से उपचुनाव हो रहा है तो सुधीर सिंह फिर से ब्लॉक प्रमुखी को लेकर तैयारी में था। मगर इसी बीच पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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खुद पर्चा न भर पाने पर उसने अपने वार्ड नंबर 52 से पत्नी अंजू देवी का नामांकन दाखिल कराया था। इस वार्ड से कुल आठ लोगों ने नामांकन किया था। इनमें से अंजू समेत चार का पर्चा खारिज कर दिया गया जबकि एक ने नाम वापस ले लिया। तीन प्रत्याशियों को प्रतीक चिन्ह भी आवंटित कर दिया गया। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से आए एक पत्र के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत ने इस वार्ड का मतदान निरस्त कर दिया।
मतदान निरस्त होने के पीछे चुनाव अधिकारी द्वारा मनमाने तरीके से पर्चा खारिज करने की दलील दी गई है मगर इसके लिए किसी जिम्मेदार पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन इस पहलू पर चुप्पी साधे हुए है। इस मनमानी की शिकायत किसने की यह भी अभी तक साफ नहीं हो सका है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी जगनारायण मौर्य ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने पिपरौली के क्षेत्र पंचायत वार्ड 52 का मतदान निरस्त कर दिया है। अन्य वार्डों में समय से मतदान होगा।
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बता दें कि, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य के रिक्त पदों पर उपचुनाव के तहत 12 जून को मतदान होना है। मगर इसके पहले ही इस वार्ड के बीडीसी पद के लिए मतदान निरस्त कर दिया गया। माफिया सुधीर सिंह पिपरौली ब्लॉक का निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख है।
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त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य चुनाव के दौरान सुधीर ने वार्ड संख्या 52 जबकि उसकी पत्नी अंजू ने वार्ड संख्या 45 से नामांकन किया था। लेकिन दोनों का पर्चा जांच में खारिज कर दिया गया। अब, जब रिक्त पदों पर लिए फिर से उपचुनाव हो रहा है तो सुधीर सिंह फिर से ब्लॉक प्रमुखी को लेकर तैयारी में था। मगर इसी बीच पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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खुद पर्चा न भर पाने पर उसने अपने वार्ड नंबर 52 से पत्नी अंजू देवी का नामांकन दाखिल कराया था। इस वार्ड से कुल आठ लोगों ने नामांकन किया था। इनमें से अंजू समेत चार का पर्चा खारिज कर दिया गया जबकि एक ने नाम वापस ले लिया। तीन प्रत्याशियों को प्रतीक चिन्ह भी आवंटित कर दिया गया। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से आए एक पत्र के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत ने इस वार्ड का मतदान निरस्त कर दिया।
मतदान निरस्त होने के पीछे चुनाव अधिकारी द्वारा मनमाने तरीके से पर्चा खारिज करने की दलील दी गई है मगर इसके लिए किसी जिम्मेदार पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन इस पहलू पर चुप्पी साधे हुए है। इस मनमानी की शिकायत किसने की यह भी अभी तक साफ नहीं हो सका है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी जगनारायण मौर्य ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने पिपरौली के क्षेत्र पंचायत वार्ड 52 का मतदान निरस्त कर दिया है। अन्य वार्डों में समय से मतदान होगा।