महराजगंज: कोरोना से लड़ने के लिए ग्रामीणों ने किया ऐसा काम, जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना का दहशत इस कदर अब हाबी हो चुका है कि लोगों ने गांव के बाहर नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया है। इतना ही नहीं अब रिश्तेदारों को भी फोन कर बताया दिया गया है कि घर पर न आवें। हालत यह है कि गांव को जाने वाली सड़क सुनी पड़ी है। गांव को जाने वाली सड़क पर लगा नो-एंट्री का बोर्ड लोगों के जागरूकता की कहानी को बयां करने के लिए काफी है।
परतावल ब्लॉक के परतावल गांव के नौरंगा टोला की मुख्य सड़क के किनारे एक नो-इ़ंट्री का बोर्ड लगा है। जाने पर कोई भी वह बोर्ड देखकर चौंक जा रहा है। शुक्रवार को एक व्यक्ति को गांव में जाना था। लेकिन नो-इंट्री का बोर्ड देखकर वापस चला गया। गांव के लोगों का कहना है कि बाहरी लोगों का गांव में प्रवेश वर्जित रहेगा।
इससे काफी हद तक बचाव होगा। गांव के शिवदास, संवारे, राजेंद्र, लल्ली, बहादुर, देवदास, राजेश ने बताया कि जब गांव में बाहरी लोगों का प्रवेश नहीं होगा तो सभी लोग संक्रमण से होने से सुरक्षित रहेंगे। जरूरत पडने पर ही गांव के लोग घर बाहर निकलते हैं। गांव को कोरोना के प्रभाव से बचाने के लिए ऐसा किया गया है।
बचाव के लिए कर रहे यह उपाय
ग्राम प्रधान उमेश्वरी देवी ने बताया कि सार्वजनिक और खुले स्थान पर न थूकें, बेवजह अपनी आंखें, नाक या मुँह न छुएं, छूने के बाद हमेशा हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। खांसी या बुखार के लक्षण होने पर या सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। इन सभी विन्दुओं पर गांव के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गांव के लोग घरो में रहकर अपना बचाव कर रहे हैं। गांव के बाहर बाहरियो के प्रवेश को रोकने के लिए नो-इंट्री का बोर्ड लगा है।
हाथों को बार-बार साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धो रहे हैं। खांसते और छींकते समय अपना नाक और मुंह को रूमाल से ढंकते हैं। इस्तेमाल किए टिशू को कूड़ेदान में ही फेंका जाता है। परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह ली जाती है।