फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Village people put up a board of no-entry after lockdown in maharajganj

महराजगंज: कोरोना से लड़ने के लिए ग्रामीणों ने किया ऐसा काम, जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

Fri, 27 Mar 2020 06:46 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, महराजगंज।
डिजिटल न्यूज डेस्क, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Fri, 27 Mar 2020 06:46 PM IST
विज्ञापन
Village people put up a board of no-entry after lockdown in maharajganj
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला

कोरोना का दहशत इस कदर अब हाबी हो चुका है कि लोगों ने गांव के बाहर नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया है। इतना ही नहीं अब रिश्तेदारों को भी फोन कर बताया दिया गया है कि घर पर न आवें। हालत यह है कि गांव को जाने वाली सड़क सुनी पड़ी है। गांव को जाने वाली सड़क पर लगा नो-एंट्री का बोर्ड लोगों के जागरूकता की कहानी को बयां करने के लिए काफी है।

विज्ञापन


परतावल ब्लॉक के परतावल गांव के नौरंगा टोला की मुख्य सड़क के किनारे एक नो-इ़ंट्री का बोर्ड लगा है। जाने पर कोई भी वह बोर्ड देखकर चौंक जा रहा है। शुक्रवार को एक व्यक्ति को गांव में जाना था। लेकिन नो-इंट्री का बोर्ड देखकर वापस चला गया। गांव के लोगों का कहना है कि बाहरी लोगों का गांव में प्रवेश वर्जित रहेगा।
विज्ञापन


इससे काफी हद तक बचाव होगा। गांव के शिवदास, संवारे, राजेंद्र, लल्ली, बहादुर, देवदास, राजेश ने बताया कि जब गांव में बाहरी लोगों का प्रवेश नहीं होगा तो सभी लोग संक्रमण से होने से सुरक्षित रहेंगे। जरूरत पडने पर ही गांव के लोग घर बाहर निकलते हैं। गांव को कोरोना के प्रभाव से बचाने के लिए ऐसा किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बचाव के लिए कर रहे यह उपाय

ग्राम प्रधान उमेश्वरी देवी ने बताया कि सार्वजनिक और खुले स्थान पर न थूकें, बेवजह अपनी आंखें, नाक या मुँह न छुएं, छूने के बाद हमेशा हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। खांसी या बुखार के लक्षण होने पर या सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। इन सभी विन्दुओं पर गांव के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गांव के लोग घरो में रहकर अपना बचाव कर रहे हैं। गांव के बाहर बाहरियो के प्रवेश को रोकने के लिए नो-इंट्री का बोर्ड लगा है।

हाथों को बार-बार साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धो रहे हैं। खांसते और छींकते समय अपना नाक और मुंह को रूमाल से ढंकते हैं। इस्तेमाल किए टिशू को कूड़ेदान में ही फेंका जाता है। परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह ली जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed