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Gorakhpur News: शौचालय निर्माण में गबन का आरोपी ग्राम विकास अधिकारी गिरफ्तार, 2020 में दर्ज किया था केस

Thu, 09 Feb 2023 10:35 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 09 Feb 2023 10:35 AM IST
सार

गुलरिहा थानेदार मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार को खजनी ब्लॉक में तैनात गबन के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी प्रसून मिश्रा को गिरफ्तार कर  लिया गया है। आरोपी तत्कालीन ग्राम प्रधान सलाउद्दीन की तलाश की जा रही है।

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Village development officer accused of embezzlement in toilet construction arrested
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

गांवों में शौचालय निर्माण के लिए आए सरकारी धन का गबन करने के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी प्रसून मिश्रा को गुलरिहा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। वर्तमान में आरोपी प्रसून की खजनी ब्लॉक में तैनाती थी। केस का आरोपी निवर्तमान ग्राम प्रधान सलाउद्दीन अभी फरार है।
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जानकारी के मुताबिक, दो सितंबर 2020 में प्रधान और सचिव पर केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि चरगावां ब्लॉक के जंगल एकला नंबर दो में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में शासकीय धन के गबन किया गया। गुलरिहा पुलिस ने निवर्तमान सहायक विकास अधिकारी कृष्ण वर्मा की तहरीर पर तत्कालीन ग्राम प्रधान सलाउद्दीन और ग्राम विकास अधिकारी प्रसून मिश्रा पर गबन का केस दर्ज कर जांच कर रही थी।
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गुलरिहा थानेदार मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि बुधवार को खजनी ब्लॉक में तैनात गबन के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी प्रसून मिश्रा को गिरफ्तार कर  लिया गया है। आरोपी तत्कालीन ग्राम प्रधान सलाउद्दीन की तलाश की जा रही है।
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यह है मामला
जंगल एकला नंबर 2 निवासी नरेंद्र सिंह ने दो सितंबर, 2020 को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत की थी कि गांव में 188 शौचालय निर्माण में अनियमितता और अनुदान राशि का बंदरबांट किया गया है। सीडीओ ने त्रिस्तरीय जांच कमेटी बनाकर आरोप की जांच कराई तो पता चला कि 188 शौचालय में 65 शौचालय पूर्ण, 24 शौचालय अपूर्ण व 40 बने ही नहीं। छह लोगों को दो-दो शौचालय दिए गए थे। 53 लाभार्थियों के नाम ग्राम पंचायत में दर्ज ही नहीं थे। जांच में 123 शौचालयों के निर्माण में 14 लाख 76 हजार रुपये का शासकीय धन का गबन पाए जाने पर केस दर्ज कराया गया था।
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