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Gorakhpur News: ताल नंदौर में ही बनेगा वेटरनरी कॉलेज, मिल गई 60 एकड़ जमीन

Sat, 10 Jun 2023 01:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jun 2023 01:00 AM IST
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Veterinary College will be built in Tal Nandor itself, got 60 acres of land
पांच साल से चल रही थी जमीन की तलाश, 325 करोड़ रुपये से बढ़कर 600 करोड़ हो गया बजट
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वेटरनरी कॉलेज अब गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर ताल नंदौर में ही बनाया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए 60 एकड़ जमीन तलाश ली है। इस जमीन पर जलभराव की समस्या भी नहीं है। शुक्रवार को पशुपालन और राजस्व विभाग ने भौतिक सत्यापन कर अपनी मुहर लगा दी। अब आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रस्ताव के मुताबिक 50 एकड़ में वेटरनरी कॉलेज बनेगा और 10 एकड़ ताल की जमीन को चारागाह के उपयोग के लिए दिया जाएगा। वर्ष 2018 से ही कालेज के लिए जमीन की तलाश चल रही है। इसी चक्कर में बजट 325 करोड़ रुपये से बढ़कर 600 करोड़ रुपये हो गया है। नए रिसर्च के साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। यह वेटनरी काॅलेज पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान केंद्र मथुरा से संबद्ध होगा। प्रस्ताव के मुताबिक शुरू में यहां 80 सीटें होंगी, जिसे बाद में बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश के भीतर मथुरा में विवि के अलावा मेरठ, फैजाबाद व बीएचयू वाराणसी में वेटनरी मेडिकल काॅलेज हैं।
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वेटरनरी काॅलेज के निर्माण से पूर्वांचल के पशुपालकों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। काॅलेज में शोध कार्य के लिए पशुपालन होगा। इसलिए चारागाह, डेरी फार्म, बकरी व भेड़ फार्म एवं पोल्ट्री फार्म भी बनाए जाएंगे। डेयरी प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रसंस्करण केंद्र निर्मित होगा। यहां इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली की तरह कई तरह के रिसर्च हो सकेंगे। वेटरनरी कॉलेज के नोडल अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि तीन बार ताल नंदौर का निरीक्षण किया जा चुका है। जमीन की तलाश कर ली गई है। अब हस्तांरण की प्रक्रिया चल रही है।
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कई बार बदली जमीन
जिला प्रशासन ने सबसे पहले चरगांवा में वेटनरी काॅलेज के लिए जमीन चिह्नित की, मगर यहां फार्म हाउस के लिए जमीन उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद सदर तहसील क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर दो में जमीन देखी गई। जमीन को पशुपालन विभाग के नाम करने की प्रक्रिया चल ही रही थी कि वन विभाग ने इसे अपनी भूमि बताकर पेच फंसा दिया। इसके बाद फिर तलाश शुरू होकर खोराबार क्षेत्र में ताल कंदला पहुंची। मगर, यहां निचला क्षेत्र होने की वजह से इस प्रस्ताव को भी निरस्त कर दिया गया। जमीन ढूंढने के क्रम में जिला प्रशासन ने फिर खाद कारखाना परिसर में जमीन चिह्नित की। अब जाकर ताल नंदौर में जमीन की तलाश पूरी हो गई है।

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कोट

वेटरनरी कॉलेज के लिए ताल नंदौर में 60 एकड़ जमीन तलाश ली गई है। अब जमीन के हस्तांरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। सप्ताह भर में पशुपालन विभाग को जमीन दे दी जाएगी।

कृष्णा करुणेश, डीएम
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