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गोरखपुर: जेल में बगैर कीटनाशक दवाओं के तैयार हो रहीं सब्जियां, 100 से अधिक बंदियों को दी गई ट्रेनिंग
Sun, 02 Jan 2022 03:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 02 Jan 2022 03:48 PM IST
सार
कारागार के कृषि फार्म में कंपोस्ट कृषि फार्म बनाकर रीजनरेटिव फार्मिंग के तहत नंदी फाउंडेशन के सहयोग से जैविक खाद का प्रयोग कर सब्जियों तथा फलों की खेती वैज्ञानिक विधि द्वारा कराई जा रही है।
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गोरखपुर जेल।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जेल में इस समय कीटनाशक दवाओं के उपयोग के बिना सब्जियां उगाई जा रही हैं। जेल के बंदियों को 27-30 दिसंबर तक ऑर्गेनिक फार्मिंग तथा जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया और प्रायोगिक रूप में कृषि फार्म तैयार कराया गया। वर्तमान में जेल के करीब 100 बंदी कीटनाशक दवाओं के बिना पौधों को हरा भरा रख रहे हैं। वहीं जेल का औषधि उद्यान आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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कारागार के कृषि फार्म में कंपोस्ट कृषि फार्म बनाकर रीजनरेटिव फार्मिंग के तहत नंदी फाउंडेशन के सहयोग से जैविक खाद का प्रयोग कर सब्जियों तथा फलों की खेती वैज्ञानिक विधि द्वारा कराई जा रही है। जिला कारागार का यह कृषि फार्म पूरे प्रदेश के कारागारों में अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए हैं। बंदी भी इससे खेती के नए गुर सीख रहे हैं।
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जिला जेल गोरखपुर में ऑर्गेनिक फार्मिंग तथा जैविक खाद बनाने की विधि बंदियों को बताया गया है और इनके सहयोग से उन्हें प्रेरित कर फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। जैविक खाद बनाकर ऑर्गेनिक खेती पौष्टिक साग, सब्जियों का उत्पादन बड़ी मात्रा में हो रहा है। इतना ही नहीं इस फार्म से बंदियों को साग और सब्जी उपलब्ध हो ही रही है, जरूरत पड़ने पर बाहर भी भेजी जा रही हैं। बेहतर ढंग से कंपोस्ट उत्पादन के लिए फार्म बनाकर कूड़े,कचरे,गोबर,तथा गोमूत्र,नींबू इकट्ठा कर विशेष रूप से कंपोस्ट तैयार कर उसी को फसलों में डाल कर फसल उगाने का काम किया जा रहा है।
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