जमीन के धंधेबाजों को तंवर ने खूब दौड़ाया: वीसी गए संतकबीरनगर, कहीं थम न जाए बुलडोजर
24 सितंबर 2022 को महेंद्र सिंह तंवर ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण का कार्यभार संभाला था। कुछ दिनों बाद उनके पास अवैध कॉलोनियों में अपनी गाढ़ी कमाई फंसाने वालों की शिकायतें मिलने लगीं। कार्यभार संभालने के 20 दिनों में ही उन्होंने अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर को संतकबीरनगर का डीएम बनाए जाने के बाद अब प्राधिकरण में चर्चा है कि जमीन के अवैध धंधे पर चल रहा बुलडोजर थम न जाए। आम लोगों की गाढ़ी कमाई डूबने की शिकायत के बाद वीसी ने जमीन के धंधेबाजों को खूब दौड़ाया था और गलत तरह से बनाई गईं 27 कॉलोनियों पर बुलडोजर चलवा दिया। लोगों में चिंता यह भी है कि नई व्यवस्था में बुलडोजर थम गया तो फिर से भूमाफिया की पहले जैसी मनमानी और दबंगई न शुरू हो जाए।
24 सितंबर 2022 को महेंद्र सिंह तंवर ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण का कार्यभार संभाला था। कुछ दिनों बाद उनके पास अवैध कॉलोनियों में अपनी गाढ़ी कमाई फंसाने वालों की शिकायतें मिलने लगीं। कार्यभार संभालने के 20 दिनों में ही उन्होंने अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया।
10 नवंबर को आदेश देकर सभी अवैध कॉलोनियों को वीडियो ग्राफिंग करवाई। इसके बाद सभी कालोनाइजर्स को बुलाकर उन्होंने संवाद किया और बुकिंग व एडवांस देकर प्लाट बुक करवाने वालों को जमीन पर कब्जा दिलाने की बात पूछी।
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पता लगा कि 27 चर्चित कोलोनाइजर में किसी ने भी अपनी साइट का जीडीए में पंजीकरण नहीं करवाया था। सभी कोलोनाइजर्स को उन्होंने समय देने के साथ अपने कॉलोनी का नियमतीकरण करवाने की सलाह देने के साथ अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलवाने की बात कही। 22 नवंबर 2022 से पहली कार्रवाई जीडीए ने शुरू की।
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कुशीनगर मार्ग पर मौजा माढ़ापार में अवैध रूप से बनी नूतन विहार, गोरखपुर आदर्श सिटी और अभिप्रियम वैली को ध्वस्त कर दिया गया है। इन जगहों पर प्लाटिंग की गई थी। सभी काॅलोनियों के गेट और चहारदीवारी को तोड़ दिया गया। इसके बाद सिलसिलेवार कॉलोनियों पर बुलडोजर चलवाकर नियमतीकरण करवाने का निर्देश दिया गया। ये सिलसिला लगातार चला रहा। करीब 27 कॉलोनियों कर करवाई के बाद ही धीमा पड़ा।