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Gorakhpur News: बीआरडी में वैस्कुलर और थोरैसिक सर्जरी शुरू, पैरों की नसों व फेफड़ों की बीमारियों का होगा इलाज
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 200 बेड वाले सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में सोमवार को कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) यूनिट के ऑपरेशन थिएटर का संचालन शुरू हो गया। इसके साथ ही यहां वैस्कुलर और थोरैसिक सर्जरी की सुविधाएं मिलने लगी हैं। इससे पूर्वांचल, बिहार के सीमावर्ती जिलों और नेपाल के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि वैस्कुलर सर्जरी के तहत शरीर की नसों और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इसमें पैरों की नसों का फूलना, नसों में रुकावट, खून जमना, पैरों में सूजन और नसों के वाल्व खराब होने जैसी समस्याएं शामिल हैं। जरूरत के अनुसार लेजर सर्जरी भी की जा सकेगी।
थोरैसिक सर्जरी के माध्यम से फेफड़ों और छाती से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। इनमें फेफड़ों की टीबी, फेफड़ों के आसपास पानी या मवाद जमा होना, छाती में ट्यूमर और संक्रमण जैसी समस्याएं शामिल हैं। प्राचार्य ने बताया कि सीटीवीएस यूनिट में जल्द ही ओपन हार्ट और बाईपास सर्जरी शुरू करने की भी तैयारी है। इससे गंभीर हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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इस अवसर पर एसआईसी डॉ. अशोक यादव, सीटीवीएस सर्जन डॉ. दिव्यज्योति श्रीवास्तव, एनेस्थीसिया टीम के डॉ. नरेंद्र, डॉ. सतीश और डॉ. निधि सहित कार्डियक एनेस्थेटिस्ट, कार्डियक परफ्यूजनिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि वैस्कुलर सर्जरी के तहत शरीर की नसों और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इसमें पैरों की नसों का फूलना, नसों में रुकावट, खून जमना, पैरों में सूजन और नसों के वाल्व खराब होने जैसी समस्याएं शामिल हैं। जरूरत के अनुसार लेजर सर्जरी भी की जा सकेगी।
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थोरैसिक सर्जरी के माध्यम से फेफड़ों और छाती से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। इनमें फेफड़ों की टीबी, फेफड़ों के आसपास पानी या मवाद जमा होना, छाती में ट्यूमर और संक्रमण जैसी समस्याएं शामिल हैं। प्राचार्य ने बताया कि सीटीवीएस यूनिट में जल्द ही ओपन हार्ट और बाईपास सर्जरी शुरू करने की भी तैयारी है। इससे गंभीर हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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इस अवसर पर एसआईसी डॉ. अशोक यादव, सीटीवीएस सर्जन डॉ. दिव्यज्योति श्रीवास्तव, एनेस्थीसिया टीम के डॉ. नरेंद्र, डॉ. सतीश और डॉ. निधि सहित कार्डियक एनेस्थेटिस्ट, कार्डियक परफ्यूजनिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।