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गोरखपुर: पांच साल में सात बार टीकाकरण जरूरी, सीएमओ ने गिनाए फायदे
Sat, 29 Oct 2022 02:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 29 Oct 2022 02:30 PM IST
सार
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि बच्चों और गर्भवती का शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण जरूरी है। नियमित टीकाकरण के कारण आने वाले बुखार से घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, यह टीके का सामान्य प्रभाव है। गर्भवती को प्रेरित किया जाए कि प्रसव पूर्व चार जांचें जरूर कराएं। टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन और ज्यादा से ज्यादा मरीजों को गोद दिलवाने का भी निर्णय हुआ।
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गोरखपुर सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बदल रहे मौसम और मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए संचारी रोगों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को मच्छरजनित रोगों और मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाए।
बताया जाए कि बुखार होने पर सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज कराएं। बच्चों और गर्भवती का शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण हो। लोगों को यह बताया जाए कि पांच साल में सात बार बच्चे को टीका लगवाना अनिवार्य है।
यह निर्देश परियोजना निदेशक (डीआरडीए) अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया है। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए कहा गया है।
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सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि बच्चों और गर्भवती का शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण जरूरी है। नियमित टीकाकरण के कारण आने वाले बुखार से घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, यह टीके का सामान्य प्रभाव है। गर्भवती को प्रेरित किया जाए कि प्रसव पूर्व चार जांचें जरूर कराएं। टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन और ज्यादा से ज्यादा मरीजों को गोद दिलवाने का भी निर्णय हुआ। बताया कि जिला महिला अस्पताल में सक्रिय एसएनसीयू में समुदाय के स्तर से बच्चों को भेजने का दिशा निर्देश दिया गया।
बैठक में यूनिसेफ, यूपीटीएसयू और सीफार के प्रतिनिधियों ने भी प्रस्तुति दी। इस मौके पर जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ एनके श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ नंद कुमार, डॉ एके चौधरी, जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ अंबुज श्रीवास्तव, डीसीएमओ डॉ अश्वनी चौरसिया आदि मौजूद रहे।
ज्यादा से ज्यादा बनाएं गोल्डन कार्ड
बैठक में आयुष्मान भारत योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। निर्देश दिया गया कि योजना के पात्र लाभार्थियों को प्रेरित कर ज्यादा से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। उन्हें आशा कार्यकर्ता के जरिये योजना के महत्व के बारे में बताया जाए।
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बताया जाए कि बुखार होने पर सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज कराएं। बच्चों और गर्भवती का शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण हो। लोगों को यह बताया जाए कि पांच साल में सात बार बच्चे को टीका लगवाना अनिवार्य है।
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यह निर्देश परियोजना निदेशक (डीआरडीए) अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया है। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए कहा गया है।
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सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि बच्चों और गर्भवती का शत प्रतिशत नियमित टीकाकरण जरूरी है। नियमित टीकाकरण के कारण आने वाले बुखार से घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, यह टीके का सामान्य प्रभाव है। गर्भवती को प्रेरित किया जाए कि प्रसव पूर्व चार जांचें जरूर कराएं। टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन और ज्यादा से ज्यादा मरीजों को गोद दिलवाने का भी निर्णय हुआ। बताया कि जिला महिला अस्पताल में सक्रिय एसएनसीयू में समुदाय के स्तर से बच्चों को भेजने का दिशा निर्देश दिया गया।
बैठक में यूनिसेफ, यूपीटीएसयू और सीफार के प्रतिनिधियों ने भी प्रस्तुति दी। इस मौके पर जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ एनके श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ नंद कुमार, डॉ एके चौधरी, जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ अंबुज श्रीवास्तव, डीसीएमओ डॉ अश्वनी चौरसिया आदि मौजूद रहे।
ज्यादा से ज्यादा बनाएं गोल्डन कार्ड
बैठक में आयुष्मान भारत योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। निर्देश दिया गया कि योजना के पात्र लाभार्थियों को प्रेरित कर ज्यादा से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। उन्हें आशा कार्यकर्ता के जरिये योजना के महत्व के बारे में बताया जाए।