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जांच में बरी किए गए छात्र: गोरखपुर यूनिवर्सिटी में नहीं मचाया गया था उत्पात, जांच में सभी शोधार्थी निर्दोष

Tue, 25 Apr 2023 11:15 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 25 Apr 2023 11:15 AM IST
सार

पीएचडी की परीक्षा पैटर्न में बदलाव को लेकर कुछ छात्र नाराज थे और उन्होंने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। बाद में इसी मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से केस दर्ज कराया गया। वहीं, आरोपी छात्रों को यूनिवर्सिटी से निलंबित भी कर दिया गया था।

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Uproar not created in Gorakhpur University all researchers found innocent in investigation
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सात जनवरी 2022 को पीएचडी की परीक्षा के दौरान गोरखपुर यूनिवर्सिटी में कोई उत्पात नहीं हुआ था। पुलिस की जांच में सभी छात्र निर्दाेष पाए गए है। जांच के आधार पर सभी छात्रों को दोषमुक्त करते हुए पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है। पुलिस की जांच के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, सात फरवरी को ही पुलिस ने रिपोर्ट लगा दी थी, लेकिन अब यह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
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जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर यूनिवर्सिटी की तरफ से डॉ. सतीश चंद्र पांडेय ने छात्रों पर उत्पात मचाने, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। बताया गया था कि सात जनवरी 2022 को एसके सिंह केंद्र निरीक्षक मौजूद थे। इस दौरान दस से पंद्रह की संख्या में छात्र परीक्षा का विरोध करते हुए परीक्षा कक्ष में पहुंच गए। मना करने पर निकले और फिर दूसरे कमरे में जाकर उत्पात मचाने लगे। इस दौरान जरूरी कागजात को फाड़ दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच किया, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी है।
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डेढ़ साल निलंबित भी रहे छात्र
दरअसल, पीएचडी की परीक्षा पैटर्न में बदलाव को लेकर कुछ छात्र नाराज थे और उन्होंने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। बाद में इसी मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से केस दर्ज कराया गया। वहीं, आरोपी छात्रों को यूनिवर्सिटी से निलंबित भी कर दिया गया था। छात्रों के मुताबिक, मामला उच्च न्यायालय तक भी गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन साक्ष्य नहीं दे पाया और फिर अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार किया गया है।

ये छात्र बनाए गए थे आरोपी
मंदीप राय, कमलकांत राव, कुमारी राधा विश्वकर्मा, अन्नू जायसवाल, कृतिका सिंह, रामभरोसे तिवारी, राजन दुबे, अमन यादव, सुधीर मद्देशिया, अंजली पांडेय, राजन विश्वकर्मा, प्रशांत मौर्या, आनंद मिश्रा, श्वेता पांडेय, दीप्ति, अर्चना, प्रियंका को नामजद आरोपी बनाया गया था।
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