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UP Panchayat Chunav Result: चुनावी दंगल में दागियों के सिर पर बंधा जीत का सेहरा, हो गए ‘माननीय’

Tue, 04 May 2021 10:30 AM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 04 May 2021 10:30 AM IST
सार

हिस्ट्रीशीटर या फिर उनके सगे-संबंधी चुनाव जीत गए हैं। हत्या या फिर दूसरे अपराध के आरोप में जेल में बंद कैदी की पत्नियों ने भी चुनावी समर जीत लिया है।

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UP Panchayat Chunav Result Historyheater and criminals won in gorakhpur panchayat elections
पंचायत चुनाव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गंवई राजनीति के जरिए ‘माननीय’ बनने की चाहत में चुनावी दंगल में उतरे दागियों के सिर पर जीत का सेहरा बंध गया है। हिस्ट्रीशीटर या फिर उनके सगे-संबंधी चुनाव जीत गए हैं। हत्या या फिर दूसरे अपराध के आरोप में जेल में बंद कैदी की पत्नियों ने भी चुनावी समर जीत लिया है।
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जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर जिले में कई सीटों पर छोटे बदमाश मैदान में उतरे तो कई जगहों पर थाने के हिस्ट्रीशीटर ही चुनावी दंगल में थे। हालांकि जो जीत चुके हैं, वे अभी गांव में जाने से बच रहे हैं। गांव पहुंचते ही पुलिस धर दबोचेगी। 
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गुलरिहा थाने के हिस्ट्रीशीटर रामधनी पासवान की पत्नी मीना देवी भी एकला नंबर दो से ग्राम प्रधान का चुनाव जीत गई हैं। झंगहा थाने के हिस्ट्रीशीटर उदय प्रताप सिंह के बेटे अरविंद भी जंगल गौरी नंबर दो उर्फ अमहिया से ग्राम प्रधानी का चुनाव जीते हैं।
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केस एक

पीपीगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र मोहन तिवारी उर्फ डिक्सो तिवारी भीटी तिवारी गांव से चुनाव मैदान में था। खुद को शिक्षित, संघर्षशील और कर्मठ बताकर कार चुनाव निशान से जनता का आशीर्वाद मांगा और चुनाव जीत गया है।

केस दो
हिस्ट्रशीटर भन्नर तिवारी नयनसर से पत्नी शशिकला देवी को चुनाव मैदान में उतारा था। खुद पिछले चुनाव में हुई एक हत्या के आरोप में जेल में बंद है और पत्नी को चुनाव मैदान में उतारकर जनता से जीत के लिए आशीर्वाद मांगा। इनकी पत्नी भी चुनाव जीत गई हैं।

केस तीन
कैंपियरगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर जैसराम निषाद की पत्नी सत्यभामा निषाद सनगद से बीडीसी का चुनाव लड़ी और जीत गई हैं। जबकि जैसराम निषाद बरईपार से चुनाव मैदान में था और उसे हार मिली है।
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