{"_id":"691068c3baec2dd82e046053","slug":"up-news-mokama-businessman-duped-by-fake-ias-officer-caught-at-gorakhpur-railway-station-2025-11-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: फर्जी आईएएस से ठगा गया था मोकामा का मुकुंद माधव; एक करोड़ रुपये के साथ रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: फर्जी आईएएस से ठगा गया था मोकामा का मुकुंद माधव; एक करोड़ रुपये के साथ रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया
Sun, 09 Nov 2025 04:03 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 09 Nov 2025 04:03 PM IST
विज्ञापन
वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन में युवक के पास मिला कैश
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर एक करोड़ (99.09 लाख) रुपये के साथ पकड़ा गया मोकामा का मुकुंद माधव ठगी का शिकार निकला। पुलिस की जांच में पता चला है कि मुकुंद की पटना में कॉपी-किताब की होलसेल की दुकान है। खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाले गौरव कुमार नामक शख्स ने स्कूलों में कॉपी-किताब का सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर उससे दो करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे। दबाव बनाने पर उसने एक करोड़ वापस किए थे, वही रुपये लेकर मुकुंद जा रहा था। जीआरपी ने पूछताछ के बाद निजी मुचलके पर मुकुंद को छोड़ दिया।
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गौरव ने मुकुंद माधव को यह कहकर झांसा दिया था कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से उसके गहरे संबंध हैं और वह 15 करोड़ रुपये का सरकारी ठेका दिला सकता है। इस लालच में आकर मुकुंद ने उसे दो करोड़ रुपये दे दिए। कुछ समय बाद जब ठेका नहीं मिला और गौरव टालमटोल करने लगा, तब मुकुंद ने रकम वापस मांगी। दबाव बढ़ने पर गौरव ने अपने एक साथी के जरिये एक करोड़ रुपये कैश लौटाए, जिसे मुकुंद बिहार लेकर जा रहा थे।
विज्ञापन
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गौरव ने मुकुंद माधव को यह कहकर झांसा दिया था कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से उसके गहरे संबंध हैं और वह 15 करोड़ रुपये का सरकारी ठेका दिला सकता है। इस लालच में आकर मुकुंद ने उसे दो करोड़ रुपये दे दिए। कुछ समय बाद जब ठेका नहीं मिला और गौरव टालमटोल करने लगा, तब मुकुंद ने रकम वापस मांगी। दबाव बढ़ने पर गौरव ने अपने एक साथी के जरिये एक करोड़ रुपये कैश लौटाए, जिसे मुकुंद बिहार लेकर जा रहा थे।
विज्ञापन
इसी दौरान शुक्रवार को जब मुकुंद रेलवे स्टेशन पहुंचा तो जीआरपी की टीम ने जांच के दौरान उसके पास से 99.09 लाख रुपये बरामद कर लिए। जब उससे रकम के बारे में गहराई से पूछताछ की गई तो उसने पूरा विवरण बताया और ठगी से जुड़ी जानकारी दी। पुलिस ने जानकारी की पुष्टि की जो सही पाई गई। इसके बाद मुकुंद को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, जबकि रकम से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर आयकर विभाग ने रुपये जब्त कर लिए।
विज्ञापन
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गौरव कुमार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है लेकिन फिलहाल गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में रह रहा था। वह खुद को कभी आईएएस तो कभी केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताता है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों पर अपनी फर्जी पहचान बनाकर लोगों को भरोसे में लेता था। उसने शादी, सरकारी नौकरी और ठेके के नाम पर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश में करोड़ों की ठगी की है। गौरव का गिरोह संगठित रूप से काम करता है। मुकुंद की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही गौरव ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और फरार हो गया।
मुकुंद माधव ने खुद को व्यापारी बताया था, जांच में इसकी पुष्टि हो गई है। ठेका लेने के लिए उसने दो करोड़ रुपये गौरव को दिए थे। वही रुपये लेकर जा रहा था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है। अगर तहरीर देता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। गौरव लंबे समय से फर्जीवाड़े के जरिये अवैध कमाई कर रहा है। उसके खिलाफ कई शिकायतें आई हैं, जिनकी जांच जारी है। एलआईयू, क्राइम ब्रांच और पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। बहुत जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी