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गोरखपुर विश्वविद्यालय: कुलसचिव को हटाने के निर्णय को शासन ने ठहराया गलत, पदस्थापित करने का दिया निर्देश
Fri, 16 Apr 2021 10:54 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 16 Apr 2021 10:54 AM IST
सार
आदेश वापस लेकर डॉ. ओमप्रकाश को उनके पद पर पदस्थापित करने को कहा गया।
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DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह द्वारा कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश को हटाने के निर्णय को शासन ने गलत ठहराया है। साथ ही आदेश को वापस लेते हुए कुलसचिव को उनके पद पर पदस्थापित करने को कहा है। शासन के विशेष सचिव अब्दुल समद ने 15 अप्रैल को कुलपति को संबोधित पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश को विश्वविद्यालय कुलसचिव के पद से कार्यविरत कर अपना योगदान विश्वविद्यालय के एचआरबीसी सेंटर में देने का निर्णय दिया गया है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (केन्द्रीयित) सेवा नियमावली 1975 यथा संशोधित के नियम 21 तथा नियम-25 में राज्य सरकार को प्रदत्त शक्तियों का अतिक्रमण तथा कुलपति की अधिकारिता के परे है।
डॉ. ओमप्रकाश को कुलसचिव के पद से हटाते हुए प्रो. अजय सिंह को कुलसचिव का प्रभार दिया जाना विधि विरुद्ध है। आपके आदेश में डॉ. ओमप्रकाश के विरुद्ध शासन को पत्र प्रेषित किए जाने तथा इस परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय हित में निर्णय लेते हुए कारण बताओ नोटिस के विषयों पर एक जांच गठित किए जाने का भी उल्लेख है। अभी तक यह पत्र शासन को प्राप्त नहीं हुआ है। विशेष सचिव ने कुलपति से यह भी कहा है कि कुलसचिव के खिलाफ सुसंगत नियमों के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए आवश्यकतानुसार प्रकरण शासन को यथोचित कार्यवाही के लिए संदर्भित कर सकते हैं।
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पत्र में कहा गया है कि मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश को विश्वविद्यालय कुलसचिव के पद से कार्यविरत कर अपना योगदान विश्वविद्यालय के एचआरबीसी सेंटर में देने का निर्णय दिया गया है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (केन्द्रीयित) सेवा नियमावली 1975 यथा संशोधित के नियम 21 तथा नियम-25 में राज्य सरकार को प्रदत्त शक्तियों का अतिक्रमण तथा कुलपति की अधिकारिता के परे है।
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डॉ. ओमप्रकाश को कुलसचिव के पद से हटाते हुए प्रो. अजय सिंह को कुलसचिव का प्रभार दिया जाना विधि विरुद्ध है। आपके आदेश में डॉ. ओमप्रकाश के विरुद्ध शासन को पत्र प्रेषित किए जाने तथा इस परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय हित में निर्णय लेते हुए कारण बताओ नोटिस के विषयों पर एक जांच गठित किए जाने का भी उल्लेख है। अभी तक यह पत्र शासन को प्राप्त नहीं हुआ है। विशेष सचिव ने कुलपति से यह भी कहा है कि कुलसचिव के खिलाफ सुसंगत नियमों के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए आवश्यकतानुसार प्रकरण शासन को यथोचित कार्यवाही के लिए संदर्भित कर सकते हैं।
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नौ अप्रैल को कुलपति ने की थी कार्रवाई
नौ अप्रैल को कुलपति ने प्रो. राजेश सिंह ने कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश को उनके पद से हटाने का निर्देश दिया था और साथ ही अधिष्ठाता छात्र एवं कल्याण परिषद (डीएसडब्लू) प्रो. अजय सिंह को कार्यवाहक कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंप दी थी। वहीं कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश को विवि के एचआरडीसी सेंटर से संबद्ध कर दिया गया। साथ ही कुलसचिव पर कामकाज में सहयोग न करने का आरोप लगाकर पूर्व में कुलसचिव को दिए गए कई कारण बताओ नोटिस के मामले में एक जांच कमेटी गठित की थी।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि सचिवालय से ऐसा कोई निर्देश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। शासन का जो भी निर्णय होगा उसका पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि सचिवालय से ऐसा कोई निर्देश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। शासन का जो भी निर्णय होगा उसका पालन सुनिश्चित किया जाएगा।