Coronavirus in Gorakhpur: गोरखपुर ने ही दिया था सूबे का पहला कोविड-19 हेल्प डेस्क
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की तर्ज पर कोविड-19 हेल्प डेस्क प्रदेश भर में बनाए गए हैं। सूबे में सबसे पहले कोविड-19 हेल्प डेस्क गोरखपुर में रेलवे अस्पताल में बनवाया गया था। यह हेल्प डेस्क आदर्श के तौर पर काम भी कर रहा है। इसकी तारीफ जिले के नोडल अपर गन्ना आयुक्त प्रमोद उपाध्याय और डीएम के विजेंयद्र पांडियन भी कर चुके हैं।
बता दें कि नोडल अधिकारी ने शासन को इस बारे में अवगत कराया और फिर पूरे सूबे में इसी तरह की डेस्क बनाने का शासनादेश जारी हुआ। मौजूदा समय में प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में 15170 हेल्प डेस्क बनाई जा चुकी हैं। जबकि जिले की बात करें तो 510 हेल्प डेस्क क्रियाशील हैं।
डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने सभी विभागों में हेल्प डेस्क को अनिवार्य कर दिया है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी, एसीएमओ आरसीएच डॉ. नंद कुमार और जिला क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. मुस्तफा खान ने हेल्प डेस्क को बनाने में अहम भूमिका निभाई।
रेलवे अस्पताल के हेल्प डेस्क मैनेजर अमरनाथ जायसवाल और ब्रह्मालाल प्रजापति का कहना है कि 02 जून को नोडल अधिकारी ने रेलवे अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने मरीजों से हेल्प डेस्क के बारे में फीडबैक लिया। इसके बाद जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने भी हेल्प डेस्क देखा और सराहना की।