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Sawan 2023: सीएम योगी ने मंदिर में किया रुद्राभिषेक, जनकल्याण के लिए मांगी मन्नत
Tue, 04 Jul 2023 11:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 04 Jul 2023 11:46 AM IST
सार
गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। तड़के पांच बजे उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और उनकी पूजा-अर्चना की। उसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया।
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सीएम योगी ने मंदिर में किया रुद्राभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास की शुरुआत पर मंगलवार की सुबह जनकल्याण के लिए रुद्राभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने हवन किया।
एक घंटे तक चले अनुष्ठान में उन्होंने आम के रस, 11 लीटर दूध, जल, दही, घी, शक्कर, शहद, गंगा जल और गन्ने के रस से महादेव भगवान शिव का अभिषेक किया। उन्हें बेलपत्र, सफेद कमल, लाल कमल, कनेर, शमी पत्र, दूब, कुशा, राई, गुड़हल, धतूरा, भांग और श्रीफल भी चढ़ाया।
रुद्राभिषेक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ हुई। उसके बाद मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और द्वादश ज्योतिर्लिंग का पूरे विधि-विधान के साथ षोडशोपचार पूजन किया।
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परंपरागत रही मुख्यमंत्री की दिनचर्या
गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। तड़के पांच बजे उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और उनकी पूजा-अर्चना की। उसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। हमेशा की तरह मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद वह गोशाला में गए और आधे घंटे गायों के बीच रहे। उन्हें दुलारा-पुचकारा और अपने हाथ से गुड़-चना भी खिलाया।
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एक घंटे तक चले अनुष्ठान में उन्होंने आम के रस, 11 लीटर दूध, जल, दही, घी, शक्कर, शहद, गंगा जल और गन्ने के रस से महादेव भगवान शिव का अभिषेक किया। उन्हें बेलपत्र, सफेद कमल, लाल कमल, कनेर, शमी पत्र, दूब, कुशा, राई, गुड़हल, धतूरा, भांग और श्रीफल भी चढ़ाया।
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रुद्राभिषेक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ हुई। उसके बाद मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और द्वादश ज्योतिर्लिंग का पूरे विधि-विधान के साथ षोडशोपचार पूजन किया।
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परंपरागत रही मुख्यमंत्री की दिनचर्या
गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। तड़के पांच बजे उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और उनकी पूजा-अर्चना की। उसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। हमेशा की तरह मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद वह गोशाला में गए और आधे घंटे गायों के बीच रहे। उन्हें दुलारा-पुचकारा और अपने हाथ से गुड़-चना भी खिलाया।