UP Budget 2020: गोरखपुर में बनेगा यूपी का पहला आयुष विश्वविद्यालय, वित्त मंत्री ने जारी किया बजट
- गोरखपुर में खुलेगा आयुष विश्वविद्यालय
- सीएम शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश में बनेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज
- सीएम योगी ने पहले ही की भूमि आवंटित
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वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को 5 लाख 12 हजार करोड़ का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि सीएम शिक्षुता प्रोत्साहन योजना लाएंगे, इसे लेकर 8 नए मेडिकल कॉलेज का काम जारी है। इनमें प्रयागराज में लॉ यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय, सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़ में 3 नए राज्य विश्वविद्यालय और प्रदेश में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रस्तावित है। गोरखपुर में यूपी का पहला आयुष विश्वविद्यालय बनेगा।
बजट में 40.13 करोड़ की घोषणा के साथ ही चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव में प्रस्तावित प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण में भी तेजी आएगी। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस योजना को लेकर पहले से ही तेजी से तैयारियां चल रही हैं।
गौरतलब है कि बीते दिनों योगी सरकार ने आयुष विश्वविद्यालय के लिए भूमि आवंटित कर दी है। विश्वविद्यालय चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के मलमलिया गांव में बनना है। पखवारे भर पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को आयुष विश्विद्यालय के लिए भूमि तलाश कर रिपोर्ट भेजने को कहा था। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने भूमि की तलाश शुरू की। सदर तहसील में मुफीद जमीन नहीं मिलने पर चौरीचौरा तहसील क्षेत्र की तरफ रुख किया गया। शहर से सटे मलमलिया गांव में जाकर जमीन की खोज थमी।
प्रशासन ने वहां सीलिंग की जमीन चिह्नित कर मुख्यमंत्री को बताया तो उन्होंने भी अपनी रजामंदी दे दी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने 10 फरवरी को ट्विटर पर इसकी घोषणा कर दी थी। उन्होंने लिखा था कि गोरखपुर के चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव में प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय को स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में 24.29 हेक्टेअर भूमि आयुष विश्विद्यालय के नाम कर दी गई है।
पढ़ाई के साथ ही इलाज भी, संबद्धता दी जाएगी
यूपी में लखनऊ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली, बांदा, मुजफ्फ रपुर, पीलीभीत में आयुष मेडिकल कॉलेज हैं। इन सबकी संबद्धता गोरखपुर में खुले रहे पहले आयुष विश्वविद्यालय से रहेगी। यहां आयुर्वेद, योगा, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई के साथ ही इन पद्धतियों से विभिन्न रोगों का इलाज भी संभव हो सकेगा।
नवंबर 2019 में ही गोरखपुर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री ने इस संबंध में चर्चा की थी लेकिन इसके बाद मामला सुस्त पड़ गया था। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर जमीन न केवल चिह्नित कर ली गई है बल्कि विश्वविद्यालय के नाम आवंटित भी कर दी गई है।
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी भूमि मुफीद
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव की जमीन आयुष विश्वविद्यालय के लिए पूरी तरह मुफीद है। फोरलेन से सटा होने के साथ ही वहां से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा।