{"_id":"611e0ecdd8e794339530d5c4","slug":"up-bihar-workers-stranded-in-afghanistan-will-return-on-saturday","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफगानिस्तान संकट: कामगारों के शनिवार तक लौटने की उम्मीद, फैक्ट्री मालिक ने वतन वापसी का दिलाया भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफगानिस्तान संकट: कामगारों के शनिवार तक लौटने की उम्मीद, फैक्ट्री मालिक ने वतन वापसी का दिलाया भरोसा
Thu, 19 Aug 2021 01:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 19 Aug 2021 01:27 PM IST
सार
अफगानिस्तान में फंसे हैं यूपी-बिहार के 28 लोग। युवकों के घर आने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली है। परिजनों ने जिला प्रशासन को भी इससे अवगत कराया और सरकारी स्तर पर भी प्रयास जारी रखने का अनुरोध किया।
विज्ञापन
अफगानिस्तान में फंसे कामगार।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद यहां की एक स्टील फैक्ट्री में फंसे यूपी-बिहार के 28 युवकों को फैक्ट्री के मालिक ने शनिवार तक स्वदेश भेजने का भरोसा दिलाया है। बुधवार को फैक्ट्री मालिक ने इन युवकों से बात की और उनके रहने-खाने व स्वदेश वापसी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। यह जानकारी मिलने के बाद युवकों के घर के लोगों ने राहत की सांस ली है। परिजनों ने जिला प्रशासन को भी इससे अवगत कराया और सरकारी स्तर पर भी प्रयास जारी रखने का अनुरोध किया।
बड़हलगंज थाना क्षेत्र के भैसहट गांव निवासी रंजीत मौर्य, आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के नरांव गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान और देवरिया जिले के भलुअनी निवासी नितिश कुमार गुप्ता समेत 28 युवक अफगानिस्तान की एक स्टील फैक्ट्री में काम करने गए थे। अचानक हुए सत्ता परिवर्तन के बाद फैक्ट्री मालिक सभी को कमरे में बंद कर दिया था।
मंगलवार को अमर उजाला ने इन युवकों के परिजनों से संपर्क कर उनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। बुधवार को बड़हलगंज निवासी रंजीत मौर्य के भाई सुजीत मौर्य ने एडीएम सिटी को फोन कर अपनी चिंता से अवगत कराया।
विज्ञापन
उधर, बुधवार को अफगानिस्तान के न्यू बगराम रोड़ स्थित खान स्टील कंपनी के मालिक ने सभी 28 कामगारों के साथ मीटिंग की और उनको शनिवार तक स्वदेश भेजने का प्रबंध करने का आश्वासन दिया है। परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उनकी चिंता कुछ कम जरूर हुई, लेकिन वे सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।
पत्नी और बच्चे निहार रहे वापसी की राह
बडहलगंज थाना क्षेत्र के भैसहट गांव निवासी रंजीत मौर्य पुत्र स्व. निर्मल उर्फ बुद्दू मौर्य तीन भाईयों में सबसे बडे़ हैं। उनकी पत्नी संगीता मौर्य, बड़ी बेटी सलोनी, बेटा नितेश व नितिन बेहाल हैं। सभी रंजीत के सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। पत्नी संगीता ने बताया कि मंगलवार सुबह पति ने फोन पर बताया कि यहां के हालत ठीक नहीं हैं। हम सब फंसे हुए हैं। सभी का वीजा व पासपोर्ट कंपनी के पास है। रंजीत के छोटे भाई सुजीत ने बताया कि एडीएम सिटी से बात हुई है। उन्होंने हमारी चिंता से विदेश मंत्रालय को अवगत कराने का भरोसा दिलाया है। सुजीत के अनुसार बुधवार को भाई ने फोन पर बताया कि फैक्ट्री मालिक ने शनिवार तक स्वदेश वापसी का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
बड़हलगंज थाना क्षेत्र के भैसहट गांव निवासी रंजीत मौर्य, आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के नरांव गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान और देवरिया जिले के भलुअनी निवासी नितिश कुमार गुप्ता समेत 28 युवक अफगानिस्तान की एक स्टील फैक्ट्री में काम करने गए थे। अचानक हुए सत्ता परिवर्तन के बाद फैक्ट्री मालिक सभी को कमरे में बंद कर दिया था।
विज्ञापन
मंगलवार को अमर उजाला ने इन युवकों के परिजनों से संपर्क कर उनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। बुधवार को बड़हलगंज निवासी रंजीत मौर्य के भाई सुजीत मौर्य ने एडीएम सिटी को फोन कर अपनी चिंता से अवगत कराया।
विज्ञापन
उधर, बुधवार को अफगानिस्तान के न्यू बगराम रोड़ स्थित खान स्टील कंपनी के मालिक ने सभी 28 कामगारों के साथ मीटिंग की और उनको शनिवार तक स्वदेश भेजने का प्रबंध करने का आश्वासन दिया है। परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उनकी चिंता कुछ कम जरूर हुई, लेकिन वे सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।
पत्नी और बच्चे निहार रहे वापसी की राह
बडहलगंज थाना क्षेत्र के भैसहट गांव निवासी रंजीत मौर्य पुत्र स्व. निर्मल उर्फ बुद्दू मौर्य तीन भाईयों में सबसे बडे़ हैं। उनकी पत्नी संगीता मौर्य, बड़ी बेटी सलोनी, बेटा नितेश व नितिन बेहाल हैं। सभी रंजीत के सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। पत्नी संगीता ने बताया कि मंगलवार सुबह पति ने फोन पर बताया कि यहां के हालत ठीक नहीं हैं। हम सब फंसे हुए हैं। सभी का वीजा व पासपोर्ट कंपनी के पास है। रंजीत के छोटे भाई सुजीत ने बताया कि एडीएम सिटी से बात हुई है। उन्होंने हमारी चिंता से विदेश मंत्रालय को अवगत कराने का भरोसा दिलाया है। सुजीत के अनुसार बुधवार को भाई ने फोन पर बताया कि फैक्ट्री मालिक ने शनिवार तक स्वदेश वापसी का भरोसा दिलाया है।