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गोरखपुर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की सीएम योगी की तारीफ, बोले- समाधान भी देता है योग्य नेतृत्व
Sat, 11 Dec 2021 10:23 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 11 Dec 2021 10:23 AM IST
सार
उन्होंने कहा कि जब योगी ने कालाजार और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी से होने वाली मौत का मुद्दा उठाया तो अभिभूत हो गया। आज योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के रूप में इन समस्याओं का समाधान भी दे रहे हैं।
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गोरखपुर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की चर्चा करते हुए कहा कि वे समस्या ही नहीं उठाते, समाधान भी करते हैं। एक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में जब वह पहली बार लोकसभा पहुंचे तो योगी आदित्यनाथ को देखकर मन में विचार आया कि ये केवल धर्म, संस्कृति व परंपरा पर ही बात करेंगे, लेकिन जब योगी ने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर में कालाजार और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी से होने वाली मौत का मुद्दा उठाया तो अभिभूत हो गया। आज योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के रूप में इन समस्याओं का समाधान भी दे रहे हैं। रोजगार के साथ-साथ घर-घर रसोई गैस भी नल के पानी की तरह ही आसानी से पहुंचेगी।
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जो भविष्य की सोच रखता है वही दूरदृष्टा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ को सही मायने में दूरदृष्टा बताते हुए कहा कि लंबे समय तक मुगलों और अंग्रेजी की हुकूमत के चलते समाज की हालत दयनीय थी। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ वर्ष 1932 में ही यह जान लिया था कि कुछ समय बाद देश आजाद होने वाला है। भविष्य में योग्य नागरिकों का निर्माण कैसे होगा, इसको ध्यान में रखकर ही महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की नींव रखी। उनकी दूरदर्शी परंपरा को ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और आज योगी आदित्यनाथ तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
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महासमुद्र व हिमालय का संगम है गोरखपुर
गोरखपुर को धार्मिक व आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ भौगोलिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री रहने के दौरान पृथ्वी के निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को पढ़ने का अवसर मिला। हजारों साल पहले जब महाप्रलय हुआ होगा तो शायद यह इलाका महासागर रहा होगा। महाप्रलय के बाद एक तरफ हिमालय महापर्वत तो दूसरी तरह महासमुद्र बना। गोरखपुर दोनों का संगम है। हिमालय की तलहटी में स्थित गोरखपुर शिव जी के अवतार महाप्रभु गुरु गोरखनाथ जी का तीर्थ क्षेत्र है। महाप्रभु बुद्ध का जन्म स्थान भी यही अंचल रहा है।
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