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Union Budget 2021: आर्थिक विशेषज्ञों ने बजट को सराहा, बोले- 'इससे मिलेगी अर्थव्यवस्था को रफ्तार'
Mon, 01 Feb 2021 09:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 01 Feb 2021 09:06 PM IST
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बजट 2021
- फोटो : PTI
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आर्थिक विशेषज्ञों की नजर में आम बजट न सिर्फ संतुलित है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य के अलावा कृषि, शिक्षा, मूलभूत ढांचागत सुधार, एमएसएमई सेक्टर आदि के लिए उठाए गए कदम अपेक्षा के अनुरूप हैं। हालांकि, मध्य वर्ग को निराशा मिली है।
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बजट संतुलित, लेकिन कुछ और राहत की उम्मीद थी
गोरखपुर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स एसोसिएशन के सचिव संजय वर्मा ने कहा कि कुल मिलाकर बजट संतुलित है। हालांकि, महामारी की मार से जूझते आम करदाता के लिए प्रत्यक्ष कर में कोई राहत नहीं है। इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं किया है। कर निर्धारण प्रणाली में सरलीकरण स्वागत योग्य है। जैसी उम्मीद थी, हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर बड़ा एलान किया गया है। उत्तर प्रदेश के लिए कुछ विशेष नहीं है। बुनियादी ढांचा में सुधारों का पिटारा विशेष रूप से उन राज्यों के लिए खोला गया है, जहां जल्द चुनाव होने वाले हैं।
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अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति
चार्टर्ड एकाउंटेंट मोहित अग्रवाल ने कहा कि आम लोगों के लिए बजट में कुछ खास नहीं है। हालांकि फेसलेस टैक्स सिस्टम का आम लोगों को फायदा होगा। उद्योग जगत के लिए बजट काफी बेहतर है। घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में देने के फैसले से आर्थिक रूप से फायदा होगा। छोटी कंपनियों का दायरा बढ़ाने की घोषणा से एमएसएमई सेक्टर को काफी फायदा होने वाला है। बजट में देश को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है। कुल मिलाकर यह देश को आगे बढ़ाने वाला बजट है।
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कोरोना के साइड इफेक्ट से उबारने वाला बजट
आर्थिक विशेषज्ञ कृष्णमूर्ति राय ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान खर्च के कारण राजकोषीय घाटा 9.5 प्रतिशत पहुंच गया था। इसके बावजूद जिस तरह से नागरिकों पर बिना कोई अतिरिक्त बोझ डाले इस घाटे को 6.8 प्रतिशत पर लाने की बात कही गई है, वह तारीफ के काबिल है। यह कोरोना के साइड इफेक्ट से उबारने वाला बजट है। इंफ्रा हाउसिंग में ज्यादा निवेश की घोषणा से न सिर्फ ढांचागत विकास होगा, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एलआईसी, जीआईसी व पीएसयू बैंक में निजी निवेश को बढ़ाने के प्रावधान से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कर्मचारियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
आर्थिक विशेषज्ञ कृष्णमूर्ति राय ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान खर्च के कारण राजकोषीय घाटा 9.5 प्रतिशत पहुंच गया था। इसके बावजूद जिस तरह से नागरिकों पर बिना कोई अतिरिक्त बोझ डाले इस घाटे को 6.8 प्रतिशत पर लाने की बात कही गई है, वह तारीफ के काबिल है। यह कोरोना के साइड इफेक्ट से उबारने वाला बजट है। इंफ्रा हाउसिंग में ज्यादा निवेश की घोषणा से न सिर्फ ढांचागत विकास होगा, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एलआईसी, जीआईसी व पीएसयू बैंक में निजी निवेश को बढ़ाने के प्रावधान से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कर्मचारियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।