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कोर्ट ने सुनाई सजा: घूस लेने के आरोपी अवर अभियंता को पांच साल की सजा, साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
Thu, 23 Sep 2021 08:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Sep 2021 08:46 PM IST
सार
महराजगंज जिले के श्यामदेऊरवा थाना क्षेत्र के शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन को एक शिकायती प्रार्थना में बताया कि वह ग्राम पंचायत सदस्य है और उसके गांव में इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ था। जिसका भुगतान दस लाख रुपया होना था। उसी के भुगतान के लिए अभियुक्त ने शिकायतकर्ता से बीस हजार रुपये की मांग की।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
बीस हजार रुपया घूस मांगने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर अवर अभियंता को पांच साल की सजा हो गई है। गुरुवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनू भटनागर ने महराजगंज जिले के विकास खंड परतावल के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के तत्कालीन अवर अभियंता शिवापूजन विश्वकर्मा को पांच साल के कठोर कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है।
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जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था कि महराजगंज जिले के श्यामदेऊरवा थाना क्षेत्र के ग्राम बसहिया बुजुर्ग निवासी शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन को एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उसका कहना था कि वह ग्राम पंचायत सदस्य है और उसके गांव में इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ था। जिसका भुगतान दस लाख रुपया होना था।
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उसी के भुगतान के लिए अभियुक्त ने शिकायतकर्ता से बीस हजार रुपये की मांग की। अभियुक्त ने शिकायतकर्ता से कहा कि ताजानिकिय स्वीकृति के लिए भुगतान राशि दस लाख का दो प्रतिशत देना होगा। शिकायतकर्ता घूस नहीं देना चाहता था बल्कि अभियुक्त को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। जिसपर एक ट्रैप टीम गोरखपुर इकाई का गठन हुआ और अभियुक्त को 13 नवंबर 2014 को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
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