सहजनवां तहसील के दो गांव नक्शा विहीन: गांवों के नक्शे गायब, ड्रोन कैसे ढूंढे चौहद्दी
सहजनवां तहसील क्षेत्र में कुल 359 राजस्व गांव हैं। इनमें दो राजस्व गांव सीहापार तथा हरपुर का मूल नक्शा तहसील में उपलब्ध नहीं है। सीहापार का मूल नक्शा गायब हुए या नष्ट हुए करीब डेढ़ दशक हो चुका है। तब से अब तक इस ग्राम पंचायत का तीन पंचवर्षीय कार्यकाल बीत चुका है मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले में सहजनवां तहसील क्षेत्र के दो गांव वर्षों से नक्शाविहीन हैं। इन गांवों का मूल सरकारी नक्शा तहसील में नहीं है। यह नक्शा कब बनेगा, कैसे बनेगा, इस बारे में भी जिम्मेदार कुछ बोलने को तैयार नहीं है। गांव का मूल नक्शा नहीं होने से भूमि विवाद से जुड़े मामलों के निपटारे में ग्राम प्रधानों तथा राजस्व कर्मियों को काफी दिक्कत आ रही है।
सहजनवां तहसील क्षेत्र में कुल 359 राजस्व गांव हैं। इनमें दो राजस्व गांव सीहापार तथा हरपुर का मूल नक्शा तहसील में उपलब्ध नहीं है। सीहापार का मूल नक्शा गायब हुए या नष्ट हुए करीब डेढ़ दशक हो चुका है। तब से अब तक इस ग्राम पंचायत का तीन पंचवर्षीय कार्यकाल बीत चुका है मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कमोवेश यही हाल हरपुर का भी है। यहां का भी मूल नक्शा तहसील में उपलब्ध नहीं है। नक्शे की अनुपलब्धता से इन दोनों गांवों का ड्रोन सर्वे भी नहीं हो सका है। इन दोनों गांवों का मूल नक्शा न तो तहसील में है, न जिले के अभिलेखागार में और न ही शासन के रेवेन्यू बोर्ड में। ऐसे में स्थिति और भी विकट हो गई है। तहसील प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी न तो इस मामले में पहल करता नजर आ रहा है और न ही कोई ठोस जवाब दे रहा है।
तो चकबंदी का कार्य कैसे होगा?
जमीन विवाद के निपटारे में कई दिक्कत
तहसील में मूल सरकारी नक्शा न होने से कई तरह की दिक्कतें हैं। जमीन के कई मामले काफी विवादित स्थिति में हैं पर उनका स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है। ताल-पोखरों पर अतिक्रमण, ग्राम सभा की जमीन पर अवैध निर्माण, जमीनों का बंटवारा, सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा तथा अवैध निर्माण आदि ऐसी कई बड़ी समस्याएं हैं जिसमें मूल नक्शा का होना जरूरी है।
प्रशासनिक लापरवाही से नहीं बन रहा नक्शा
ग्राम पंचायत सीहापार के प्रधान प्रतिनिधि राहुल शुक्ला कहते हैं कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि पिछले 15 वर्षों से भी ज्यादा समय से गांव का मूल नक्शा नहीं है। लेखपाल कंप्यूटराइज्ड फोटोकॉपी से जैसे-तैसे काम चलाते हैं।
वर्ष 2010-15 के पंचवर्षीय कार्यकाल में तत्कालीन एसडीएम से पत्र लिखवाया गया था पर तहसील प्रशासन द्वारा ठोस पहल न करने की वजह से मूल नक्शा नहीं बन पाया। तहसील प्रशासन के लोग कहते हैं कि मूल नक्शा रुड़की से बनकर आएगा लेकिन कब और कैसे, इसका उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
वहीं ग्राम हरपुर के प्रधान व पंचायतीराज विभाग के सलाहकार मदन मुरारी गुप्त कहते हैं कि उनके ग्राम पंचायत में कृषि भूमि कम है। तहसील में गांव का मूल नक्शा लंबे समय से नहीं है। जमीन से जुड़े मामलों में दिक्कत होती है।
सहजनवां एसडीएम सुरेश राय ने कहा कि मामले की जानकारी है। इस संबंध में कई बार पत्राचार किया जा चुका है। जैसा निर्देश प्राप्त होगा उसी अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।