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खुशखबर: बीआरडी को मिलीं दो और ट्रू नेट मशीनें, अब और तेजी से होगा कोरोना की जांच
Fri, 12 Jun 2020 08:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 Jun 2020 08:13 PM IST
सार
- अब जांच के बाद ही शुरू किया जाएगा संदिग्ध मरीजों का इलाज
- इलाज के दौरान मौत हुई तो शव के लिए नहीं करना होगा ज्यादा इंतजार
- 5 ट्रू नेट मशीनें हैं अब बीआरडी में , एक साथ 11 सैंपल की हो सकती है जांच
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब कोरोना की जांच तेजी से हो सकेगी। यहां दो और ट्रू नेट मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। अब यहां एक साथ कुल पांच ट्रू नेट मशीनों से जांच हो सकेगी। सुविधा बढ़ने के साथ ही फैसला लिया गया है कि संदिग्ध मरीजों का इलाज भी कोरोना की जांच के बाद शुरू किया जाएगा।
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इनमें हॉटस्पॉट, कंटेनमेंट जोन, रेड जोन या ट्रैवेल हिस्ट्री वाले मरीज शामिल होंगे। इसके अलावा इलाज के दौरान किसी की मौत होने पर भी कोरोना की जांच के नाम पर ज्यादा समय तक शव मेडिकल कॉलेज में रखना नहीं होगा।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इसी से निपटने के लिए कॉलेज प्रशासन ने ट्रू नेट मशीन से संदिग्ध मरीजों की कोरोना जांच करने के बाद ही इलाज शुरू करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं संदिग्ध मरीज की मौत हो जाने पर उसकी भी जांच जल्दी हो सकेगी। इससे शव को सात-आठ घंटे सुरक्षित रखना नहीं पड़ेगा।
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एक से डेढ़ घंटे में आ जाती है रिपोर्ट
ट्रू नेट मशीन से महज से एक से डेढ़ घंटे में रिपोर्ट आ जाती है। जबकि सीबीनेट और आरटीपीसीआर से जांच में कम से छह घंटे का वक्त लगता है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि शासन की ओर से दो और ट्रूनेट मशीनें मिल गईं हैं। अब मशीनों की संख्या पांच हो गई है। नई दो मशीनों से एक साथ चार सैंपल की जांच हो सकेगी। इमरजेंसी में एक साथ 11 सैंपल की जांच हो सकेगी।