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Gorakhpur News: एक करोड़ रुपये उड़ाने वाले दो जालसाज गिरफ्तार, मास्टर माइंड की तलाश

Sat, 19 Nov 2022 10:19 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 19 Nov 2022 10:19 AM IST
सार

एसपी क्राइम इंदु प्रभा ने खुलासा करते हुए बताया कि जालसाज ईजी-पे एप के जरिए घटना को अंजाम देते थे। मामले में महाराष्ट्र, पुणे स्थित ईजी पे प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर विकास मकवाना ने साइबर क्राइम गोरखपुर में केस दर्ज कराया था। इसी के आधार पर जांच शुरू की गई।

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Two fraudsters who stole one crore rupees arrested in Gorakhpur
गोरखपुर समाचार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भूलेख की वेबसाइट के जरिए आधार संख्या और अंगूठे का निशान लेकर खाते से रकम उड़ाने वाले दो जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने छह माह में करीब एक करोड़ रुपये खाते से उड़ा चुके हैं।  पुलिस ने इनके पास से एक लाख 23 हजार रुपये, बाइक, सोने-चांदी के जेवरात और छह मोबाइल बरामद किया है। पुलिस अब मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है।

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एसपी क्राइम इंदु प्रभा ने खुलासा करते हुए बताया कि जालसाज ईजी-पे एप के जरिए घटना को अंजाम देते थे। मामले में महाराष्ट्र, पुणे स्थित ईजी पे प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर विकास मकवाना ने साइबर क्राइम गोरखपुर में केस दर्ज कराया था। इसी के आधार पर जांच शुरू की गई।
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पता चला कि जालसाजों के पार्टनर बैंक यस बैंक, एनएसडीएल पेमेंट बैंक, एक्वायर बैंक के उपभोक्ताओं ने भी फर्जी तरीके से खाते से रुपये निकलने की शिकायत दर्ज कराई है। इसमें जिले के कुछ एजेंट उपभोक्ताओं का आधार कार्ड संख्या और अंगूठे का निशान डाटा लेकर उनके बैंक अकाउंट से रुपये निकालकर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया। मामले में भी साइबर थाना में केस दर्ज किया गया था।
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जांच के दौरान अकाउंट खुलवाकर फर्जीवाड़ा कर रकम निकालने वाले दो जालसाजों को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया है। उनकी पहचान शाहपुर क्षेत्र के धर्मपुर कॉलोनी निवासी विकास उर्फ विक्की साहनी और आजमगढ़ जिले के रौनापार क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी अक्षय यादव के रूप में हुई।
 
बताया कि फर्जीवाड़ा की रकम ट्रांसफर करने के लिए खाता उपलब्ध कराने और एटीएम से रकम निकालने पर कमीशन के तौर पर इन लोगों को पांच प्रतिशत धनराशि प्रदान की जाती थी। विकास रेलवे स्टेशन के सामने ट्रैवेल एजेंसी भी चलाता है।

 

फर्जीवाड़ा का मास्टर माइंड है कंपनी का एजेंट

एसपी क्राइम ने बताया कि ईजी-पे कंपनी पेमेंट गेटवे की सुविधा पूरे देश में चलाती है। जिले में करीब नौ हजार एजेंट हैं, जो आधार से पैसा निकालने, मनी ट्रांसफर का काम करते हैं। इन्हीं में से कुछ एजेंट ईजी-पे कंपनी के एप का गलत इस्तेमाल कर फर्जीवाड़े को अंजाम देते थे। ये लोग हैदराबाद, आंध्र प्रदेश के आसपास के ग्राहकों का आधार कार्ड संख्या और फिंगर प्रिंट के माध्यम से खाते से रकम उड़ा रहे थे। मामले में चार एजेंटों को चिह्नित कर पुलिस तलाश में जुट गई है।

इस तरह करते थे जालसाजी
ईजी-पे एक पेमेंट गेटवे-कंपनी है, जो मनी ट्रांसफर, आधार से रुपये निकालने और ऑनलाइन रिचार्ज का काम करती है। कंपनी के एजेंट भूलेख की वेबसाइट से हैदराबाद और उसके आसपास के ग्राहकों का भूलेख की वेबसाइट से ग्राहकों के रजिस्ट्री पेपर डाउनलोड करते थे। उसमें दर्ज आधार कार्ड और अंगूठे के निशान को लिटमस पेपर पर प्रिंट कर के प्रिंटिंग इन्हैंसर की मदद से फ्रिंगर प्रिंट की नकल कर लेते थे।

इसकी मदद से ग्राहक के खाते से अनधिकृत रूप से रुपये निकालकर आधार एनेब्ल्ड पेमेंट सर्विस की मदद से रोज 10 हजार की धनराशि निकालते थे। इसके बाद उस रुपये को ईजी-पे कंपनी के वॉलेट में ट्रांसफर कर देते थे। कंपनी के वॉलेट से बाद में किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर उस रुपये को एटीएम से निकाल लेते थे।

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