फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Two arrested for forgery in name of job in railway at Gorakhpur

गोरखपुर: रेलवे में नौकरी के नाम पर जालसाजी करने वाले दो लोग पकड़ाए, फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ऐंठ लेते थे रुपये

Mon, 06 Sep 2021 09:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 06 Sep 2021 09:23 AM IST
सार

आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, एक वोटर आईडी, दो मोबाइल, कूटरचित नियुक्ति पत्र, अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेज और नकदी बरामद किया है।

विज्ञापन
Two arrested for forgery in name of job in railway at Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में रेलवे में नौकरी के नाम पर जालसाजी करने वाले गिरोह के दो लोगों को एसटीएफ ने शनिवार रात रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को मेरठ और गोरखपुर की संयुक्त एसटीएफ टीम ने दबोच कर कैंट पुलिस के हवाले किया है। मामले में कैंट में दर्ज जालसाजी के मुकदमे में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा बढ़ा दी गई है। आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, एक वोटर आईडी, दो मोबाइल, कूटरचित नियुक्ति पत्र, अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेज और नकदी बरामद किया है। आरोपियों की पहचान हापुड़ के पिलखुआ इलाके के दिनेश नगर निवासी रजनीश कुमार उर्फ राजू और गोला के चौकड़ी पोस्ट निवासी अतुल कुमार दुबे के रूप में हुई है।
विज्ञापन


एसटीएफ के मुताबिक, रेलवे कोऑपरेटिव बैंक, रेलवे क्लर्क व अन्य सरकारी नौकरियों में कूटरचित नियुक्ति पत्र देकर जालसाजी करने वाला गिरोह सक्रिय है। इस सूचना पर एसटीएफ जांच कर रही थी। शनिवार रात कार्मल स्कूल के पास पहुंची थी। उधर से मेरठ की टीम भी आई थी। टीम को सूचना मिली कि जालसाजी करने के दो आरोपी रेलवे स्टेशन के पास मौजूद हैं। सूचना पर पहुंची टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राजू ने बताया कि दो साल पहले लखनऊ में उसकी मुलाकात हृदय नारायण मिश्रा मथुरा से हुई थी। वह लखनऊ के एक होटल में ठहरे थे। हृदय से परिचय अतुल कुमार दुबे, शीतला प्रसाद पाठक गोला ने कराया था। कहा कि लड़के व पैसे लाओ तो तुम्हें भी हिस्सा मिलेगा।
विज्ञापन


ऐसे करते थे जालसाजी
शीतल और अतुल फर्जी कागज पर युवकों के हस्ताक्षर कराकर किसी सरकारी अस्पताल में ब्लड टेस्ट आदि करा लेते हैं। पैसे लिए जाते हैं और कुछ दिन बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिया जाता है। जांच में पता चला है कि कोऑपरेटिव बैंक में नौकरी के नाम पर हृदय नारायण मिश्र ने पांच लाख रुपये आठ लोगों से लिए थे। ज्यादातर पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों को फंसाया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


आठ लाख में देते थे क्लर्क की नौकरी
पूछताछ में पता चला है कि आठ लाख रुपये में यह लोग क्लर्क पद पर नौकरी देने का दावा करते थे। दो लोग शनिवार को भी आए थे। टोकन मनी के तौर पर 50-50 हजार रुपये दिए थे। अतुल ने उन लेेगों का मेडिकल के लिए कागज पर अंगूठा लगवाया था। उसी को फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र देने के लिए दोनों जालसाज आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed