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Gorakhpur News: मारपीट में दो अभियुक्तों को चार साल के कारावास की सजा
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- कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला, अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार तृतीय ने कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ठकुरापार निवासी अभियुक्त राम केवल व गंगेश को चार-चार साल के साधारण कारावास और सात-सात हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर चार-चार माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की तरफ से एडीजीसी अजीत शाही का कथन था कि उसी गांव के रहने वाले वादी मुकदमा छोटेलाल ने केस दर्ज कराया था। वादी ने कोर्ट में बयान दिया था कि उसके गांव के काली जी के स्थान पर 16 नवंबर 2014 को सुबह 10:00 बजे आधार कार्ड बन रहा था। वादी भी आधार कार्ड बनवाने गया था, वहां भीड़ थी।
भीड़ में कहा सुनी हो रही थी। वादी छोटेलाल ने अभियुक्त से पूछा कि शोर क्यों हो रहा है? इसी बात पर अभियुक्तगण वादी को गाली देते हुए मारने पीटने लगे जिससे वादी गंभीर रूप से घायल हो गया। अभियुक्तों ने वादी को धमकी भी दी। वादी की सूचना पर चार लोगों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ।
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न्यायालय में दो आरोपितों ने कहा कि घटना के समय आरोपी नाबालिग था, इसलिए उनका मामला किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दिया गया। अभियुक्त राम केवल व गंगेश ने कोर्ट में जुर्म से इंकार किया और रंजिशन फंसाए जाने की बात कही। न्यायाधीश ने अभियुक्त राम केवल और गंगेश के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाते हुए सजा से दंडित किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार तृतीय ने कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ठकुरापार निवासी अभियुक्त राम केवल व गंगेश को चार-चार साल के साधारण कारावास और सात-सात हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर चार-चार माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की तरफ से एडीजीसी अजीत शाही का कथन था कि उसी गांव के रहने वाले वादी मुकदमा छोटेलाल ने केस दर्ज कराया था। वादी ने कोर्ट में बयान दिया था कि उसके गांव के काली जी के स्थान पर 16 नवंबर 2014 को सुबह 10:00 बजे आधार कार्ड बन रहा था। वादी भी आधार कार्ड बनवाने गया था, वहां भीड़ थी।
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भीड़ में कहा सुनी हो रही थी। वादी छोटेलाल ने अभियुक्त से पूछा कि शोर क्यों हो रहा है? इसी बात पर अभियुक्तगण वादी को गाली देते हुए मारने पीटने लगे जिससे वादी गंभीर रूप से घायल हो गया। अभियुक्तों ने वादी को धमकी भी दी। वादी की सूचना पर चार लोगों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ।
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न्यायालय में दो आरोपितों ने कहा कि घटना के समय आरोपी नाबालिग था, इसलिए उनका मामला किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दिया गया। अभियुक्त राम केवल व गंगेश ने कोर्ट में जुर्म से इंकार किया और रंजिशन फंसाए जाने की बात कही। न्यायाधीश ने अभियुक्त राम केवल और गंगेश के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाते हुए सजा से दंडित किया।