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होम आइसोलेशन में सात सौ मरीजों का चल रहा इलाज
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होम आइसोलेशन में सात सौ मरीजों का इलाज
रैपिड रिस्पांस टीम करती है मरीजों की निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस की दूसरी लहर बहुत तेजी से फैल रही है। जिले में कोरोना के गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है, लेकिन हल्के लक्षण वाले करीब सात सौ मरीजों को होम आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है। गंभीर मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया जा रहा है। होम आइसोलेशन में रह रहे सात सौ से अधिक मरीजों की नियमित रूप से देखरेख कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक लगातार मरीजों कि जानकारी लेते रहते हैं। सर्विलांस टीम का गठन कर नियमित रूप मरीजों की निगरानी कराई जा रही है। कोविड-19 व आइसोलेशन प्रोटोकाल का पालन न करने वालों को चेतावनी दी जा रही है ताकि इस रणनीति से ही होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज कोरोना को हरा सके। उन्होंने बताया कि एचआईवी, कैंसर पेसेंट, प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता को होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं है। मेडिकल ऑफिसर के उचित मूल्यांकन के बाद ही मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाती है।
35 टीम लगाकर उपलब्ध कराई जा रही किट
डीसीपीएम राजेश गुप्ता ने बताया प्रशासन ने जिले में 35 रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) का गठन किया है। टीम होम आइसोलेशन में रह रहे हर व्यक्ति तक मेडिकल किट पहुंचा रही हैं। 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति मेडिकल ऑफिसर के उचित मूल्यांकन के आधार पर दी जाती है। इसके अलावा डायबटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर, किडनी, फेफड़ों से सबंधित गंभीर बीमारी वाले मरीजों को भी होम आइसोलेशन की छूट मेडिकल ऑफिसर के उचित मूल्यांकन के आधार पर दी जाती है।
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रैपिड रिस्पांस टीम करती है मरीजों की निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस की दूसरी लहर बहुत तेजी से फैल रही है। जिले में कोरोना के गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है, लेकिन हल्के लक्षण वाले करीब सात सौ मरीजों को होम आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है। गंभीर मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया जा रहा है। होम आइसोलेशन में रह रहे सात सौ से अधिक मरीजों की नियमित रूप से देखरेख कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक लगातार मरीजों कि जानकारी लेते रहते हैं। सर्विलांस टीम का गठन कर नियमित रूप मरीजों की निगरानी कराई जा रही है। कोविड-19 व आइसोलेशन प्रोटोकाल का पालन न करने वालों को चेतावनी दी जा रही है ताकि इस रणनीति से ही होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज कोरोना को हरा सके। उन्होंने बताया कि एचआईवी, कैंसर पेसेंट, प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता को होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं है। मेडिकल ऑफिसर के उचित मूल्यांकन के बाद ही मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाती है।
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35 टीम लगाकर उपलब्ध कराई जा रही किट
डीसीपीएम राजेश गुप्ता ने बताया प्रशासन ने जिले में 35 रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) का गठन किया है। टीम होम आइसोलेशन में रह रहे हर व्यक्ति तक मेडिकल किट पहुंचा रही हैं। 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति मेडिकल ऑफिसर के उचित मूल्यांकन के आधार पर दी जाती है। इसके अलावा डायबटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर, किडनी, फेफड़ों से सबंधित गंभीर बीमारी वाले मरीजों को भी होम आइसोलेशन की छूट मेडिकल ऑफिसर के उचित मूल्यांकन के आधार पर दी जाती है।
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