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गोरखपुर: 30 तक किया जाएगा अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में स्थानांतरण
Fri, 16 Jul 2021 12:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 12:24 PM IST
सार
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके लिए 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए गए थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 30 जुलाई तक इसे पूरा किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके लिए 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए गए थे। 29- 30 जुलाई को एनआईसी द्वारा अर्ह आवेदकों का ऑनलाइन स्थानांतरण आदेश निर्गत किया जाएगा। प्रभारी डीआईओएस आरएन भारती ने कहा कि स्थानांतरण में
पारदर्शिता के लिए शासन ने सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था की है। संबंधित शिक्षकों को ऑनलाइन स्थानांतरण आदेश निर्गत किया जाएगा।
किताबें स्कूल तक पहुंचाने को 22 लाख अवमुक्त
परिषदीय स्कूलों में वितरित की जाने वाली किताबों को जिला मुख्यालय से स्कूल तक पहुंचाने में अब परेशानी का सामना शिक्षकों को नहीं करना पड़ेगा। शासन ने इस संबंध में 22 लाख 28 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। जिले के 2514 स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 333321 है। धन अवमुक्त कराने के साथ ही शासन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि इस धन का उपयोग सिर्फ जिला से विद्यालय स्तर तक पाठ्य पुस्तकों के परिवहन व्यय के लिए किया जाए।
किसी भी स्तर से शिक्षक या अन्य किसी कर्मचारी को अपने स्रोतों से विद्यालय तक पाठ्य पुस्तकों को पहुंचाने के लिए बाध्य न किया जाए। अगर ऐसा प्रकरण संज्ञान में आता है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी बीएसए हरि गोविंद सिंह ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों को जिला मुख्यालय से विद्यालय तक पहुंचाने के लिए शासन ने धन अवमुक्त कर दिया है। खंड शिक्षाधिकारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।
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पारदर्शिता के लिए शासन ने सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था की है। संबंधित शिक्षकों को ऑनलाइन स्थानांतरण आदेश निर्गत किया जाएगा।
किताबें स्कूल तक पहुंचाने को 22 लाख अवमुक्त
परिषदीय स्कूलों में वितरित की जाने वाली किताबों को जिला मुख्यालय से स्कूल तक पहुंचाने में अब परेशानी का सामना शिक्षकों को नहीं करना पड़ेगा। शासन ने इस संबंध में 22 लाख 28 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। जिले के 2514 स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 333321 है। धन अवमुक्त कराने के साथ ही शासन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि इस धन का उपयोग सिर्फ जिला से विद्यालय स्तर तक पाठ्य पुस्तकों के परिवहन व्यय के लिए किया जाए।
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किसी भी स्तर से शिक्षक या अन्य किसी कर्मचारी को अपने स्रोतों से विद्यालय तक पाठ्य पुस्तकों को पहुंचाने के लिए बाध्य न किया जाए। अगर ऐसा प्रकरण संज्ञान में आता है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी बीएसए हरि गोविंद सिंह ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों को जिला मुख्यालय से विद्यालय तक पहुंचाने के लिए शासन ने धन अवमुक्त कर दिया है। खंड शिक्षाधिकारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।
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