Railway Update: सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें, बहराइच से माल भेजना होगा आसान, 23 साल बाद गोंडा यार्ड की हुई रिमॉडलिंग
गोंडा रेलवे स्टेशन का यार्ड चार किमी लंबाई में फैला है। वर्ष 1999 के बाद से बड़ी लाइन में एक भी नई लाइन का निर्माण नहीं हुआ था।
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गोंडा रेलवे स्टेशन के यार्ड की रिमॉडलिंग से यात्रा आसान हो जाएगी। अब दो प्लेटफॉर्म और आठ रनिंग लाइनें बढ़ गई हैं। इससे ट्रेनों को आउटर पर रोकना नहीं पड़ेगा। गोरखपुर की ट्रेनें सरपट दौड़ेंगी। वहीं, बलरामपुर, मनकापुर व बहराइच की ओर से आने वाली ट्रेनें एक साथ गुजरेंगी।
गोंडा रेलवे स्टेशन के यार्ड की रिमॉडलिंग की वजह से यात्रियों को 23 दिन परेशानी हुई। तमाम ट्रेनें निरस्त रहीं, लेकिन अब यात्री के साथ व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। गोंडा रेलवे स्टेशन का यार्ड चार किमी लंबाई में फैला है। वर्ष 1999 के बाद से बड़ी लाइन में एक भी नई लाइन का निर्माण नहीं हुआ था।
केवल दोहरीकरण एवं आमान परिवर्तन का कार्य किया गया था, जबकि लगातार ट्रेनों व मालगाड़ियों की संख्या बढ़ती गई। इसके चलते गोंडा स्टेशन और आसपास के स्टेशनों पर ट्रेनों को रोकना पड़ता था।
ये फायदे होंगे...
- प्लेटफॉर्म की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच हो जाएगी। होम सिगनल एवं निकटवर्ती स्टेशनों पर ट्रेनें देर तक नहीं खड़ी होंगी।
- सिग्नल की बेहतर व्यवस्था हो गई है। सिग्नल एवं प्वाइंट की विफलता कम होगी। ट्रेनों के होम सिगनल के अंदर प्रवेश करते ही दूसरी ट्रेन के लिए लाइन क्लियर दिया जा सकेगा।
- बहराइच के तरफ की गाड़ियों को गोंडा होते हुए मनकापुर-गोरखपुर, मनकापुर-अयोध्या, बलरामपुर-बढ़नी मार्ग पर सीधे संचालित किया जा सकेगा।
- इंजन रिवर्स कराकर लखनऊ व सीतापुर की तरफ संचालित किया जा सकेगा, जिससे बहराइच, श्रावस्ती जिले के यात्रियों को भविष्य में सीधी ट्रेनों की सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के व्यापारियों को माल सीधे भेजने की सुविधा प्राप्त हो जाएगी।
- ट्रेनों व मालगाड़ी को सुरक्षित ढंग से संचालित करने में आसानी होगी।
एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि गोंडा यार्ड की रिमॉडलिंग सफलतापूर्वक पूरा कर ली गई है। इस कार्य के पूरा होने से यात्रियों के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है, रनिंग लाइनों के संख्या में वृद्धि हुई है। इससे यात्री ट्रेनों के बेहतर संचालन के साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।