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Gorakhpur News: कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन पर 120 किमी की रफ्तार से दौड़ी सीआरएस स्पेशल
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कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन पर 120 किमी की रफ्तार से दौड़ी सीआरएस स्पेशल
मेगा ब्लॉक हटा, संरक्षा के सभी मानकों पर फिट पाई गई लाइन, आज से आठ को छोड़कर पूर्व समय के अनुसार चलेंगी सभी निरस्त हुईं ट्रेनें
सुबह 10 बजे शुरू हुई जांच, शाम सात बजे हुआ स्पीड ट्रायल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर कैंट व कुसम्ही स्टेशन के बीच बिछाई गई तीसरी लाइन पर स्पीड ट्रायल सफल रहा। उत्तर पूर्व सर्किल के मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मनोज अरोड़ा व अन्य रेल अधिकारियों की मौजूदगी में शाम करीब सात बजे सीआरएस स्पेशल ट्रेन 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी। संरक्षा के सभी मानकों पर खरा पाए जाने के बाद सीआरएस ने 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने की हरी झंडी दे दी। इसके बाद मेगा ब्लॉक भी हटा दिया गया। तीसरी लाइन पर देर रात से ट्रेनें चलने लगेंगी। 13 सितंबर तक निरस्त की गईं आठ ट्रेनों को छोड़कर मंगलवार से इस रूट पर अन्य सभी ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय से चलाई जाएंगी।
गोरखपुर जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों को अतिरिक्त लाइन की सुविधा दिलाने के लिए डोमिनगढ़ स्टेशन से कुसम्हीं स्टेशन तक तीसरी लाइन बिछाई जानी है। इस परियोजना के दूसरे चरण में कुसम्ही से गोरखपुर कैंट के बीच नाॅन इंटरलाॅकिंग का काम चल रहा था। सोमवार को काम पूरा होने के बाद सीआरएस ने सबसे पहले गोरखपुर जंक्शन और गोरखपुर कैंट के मध्य पुल संख्या 176 का निरीक्षण किया। इसके बाद गोरखपुर कैंट रेलवे स्टेशन पर तीसरी नई विद्युतीकृत रेल लाइन के मानक के अनुरूप संरक्षा अभिलेखों, यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रूल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, पॉइंट क्रासिंग, सिगनलिंग, फाउलिंग मार्क, पैनल इंटरलॉकिंग, बैटरी रूम, रिले रूम को देखा।
गोरखपुर कैंट-कुसम्ही रेलखंड को जोड़ने वाली लाइन के ट्रेलिंग प्वाइंट का निरीक्षण किया। स्टेशन मास्टर से सवाल पूछे और रेल लाइनों की सुरक्षा की जानकारी ली। इसके बाद मोटर ट्राली से गोरखपुर कैंट-कुसम्ही रेल खंड पर नवनिर्मित तीसरी लाइन का निरीक्षण करते हुए कर्वेचर संख्या-3 ए एवं 3 बी पर पहुंचे और कर्व के इंडेंट एवं ओवर हेड ट्रैक्शन पर अभिकेन्द्र त्वरण का मापन किया। इस दौरान उन्होंने समपार फाटक सं-115 सी का निरीक्षण किया और गेटमैन से भी सुरक्षा संबंधित सवाल पूछे।
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संरक्षा आयुक्त ने इस खंड के रेलवे क्रॉसिंगों पर चेतावनी बोर्ड एवं हाइट गेजों काे भी देखा। निरीक्षण के अंत में रेल संरक्षा आयुक्त ने किमी. सं-497/15 पर स्विच एक्स्टेंशन ज्वाइंट का निरीक्षण किया। कुसम्ही स्टेशन की रनिंग एवं साइडिंग लाइनों से नई तीसरी लाइन की कनेक्टिविटी भी जांची और स्टेशन पर तीसरी लाइन के अनुरूप नए यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रूल, स्टेशन पैनल, प्वाइंट्स एंड क्रॉसिंग एवं नए स्थापित सिग्नलों का निरीक्षण किया। इस रेल खंड पर पड़ने वाले समपार फाटकों पर तीसरी लाइन के अनुरूप किए गए बदलाव को देखा और सुरक्षा उपायों की जानकारी ली।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि कैंट से कुसम्हीं तक का निरीक्षण पूरा होने के बाद इस विद्युतीकृत नवनिर्मित तीसरी लाइन पर सीआरएस स्पेशल ट्रेन ने कुसम्हीं से गोरखपुर कैंट रेल खंड पर अधिकतम 120 किमी. प्रति घंटा की गति से स्पीड ट्रायल को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस रूट पर लिया गया मेगा ब्लॉक भी समाप्त हो गया है। मंगलवार से सभी ट्रेन सामान्य समय सारिणी के अनुसार चलेंगी।
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ये अफसर रहे मौजूद
इस सीआरएस निरीक्षण के दौरान पूर्वाेत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एससी श्रीवास्तव, मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ आदित्य कुमार, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी विनीत कुमार श्रीवास्तव, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) वाराणसी राहुल श्रीवास्तव, मुख्य इंजीनियर निर्माण एसके कन्नौजिया, मुख्य इंजीनियर निर्माण अखिलेश कुमार त्रिपाठी, मुख्य विद्युत डिजाइन इंजीनियर निर्माण सुरेश कुमार, मुख्य सिगनल एवं दूर संचार इंजीनियर निर्माण नीलाभ महेश सहित लखनऊ एवं वाराणसी मंडल के मंडलीय एवं निर्माण संगठन के वरिष्ठ मौजूद रहे।
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तीसरी लाइन बनने से ये होंगे फायदे
तीसरी लाइन के निर्माण से ट्रेनों को चलाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार हो गया है। कैंट स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों को सिगनल के अभाव में रोका नहीं जाएगा। वे फर्राटा से आगे बढ़ जाएंगी। इससे ट्रेनों के समय पालन में सुधार होगा। इसके साथ ही इस रेल खंड पर चलने वाली मालगाड़ियों को भी समय से आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा, जिससे व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
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मेगा ब्लॉक हटा, संरक्षा के सभी मानकों पर फिट पाई गई लाइन, आज से आठ को छोड़कर पूर्व समय के अनुसार चलेंगी सभी निरस्त हुईं ट्रेनें
सुबह 10 बजे शुरू हुई जांच, शाम सात बजे हुआ स्पीड ट्रायल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर कैंट व कुसम्ही स्टेशन के बीच बिछाई गई तीसरी लाइन पर स्पीड ट्रायल सफल रहा। उत्तर पूर्व सर्किल के मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मनोज अरोड़ा व अन्य रेल अधिकारियों की मौजूदगी में शाम करीब सात बजे सीआरएस स्पेशल ट्रेन 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी। संरक्षा के सभी मानकों पर खरा पाए जाने के बाद सीआरएस ने 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने की हरी झंडी दे दी। इसके बाद मेगा ब्लॉक भी हटा दिया गया। तीसरी लाइन पर देर रात से ट्रेनें चलने लगेंगी। 13 सितंबर तक निरस्त की गईं आठ ट्रेनों को छोड़कर मंगलवार से इस रूट पर अन्य सभी ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय से चलाई जाएंगी।
गोरखपुर जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों को अतिरिक्त लाइन की सुविधा दिलाने के लिए डोमिनगढ़ स्टेशन से कुसम्हीं स्टेशन तक तीसरी लाइन बिछाई जानी है। इस परियोजना के दूसरे चरण में कुसम्ही से गोरखपुर कैंट के बीच नाॅन इंटरलाॅकिंग का काम चल रहा था। सोमवार को काम पूरा होने के बाद सीआरएस ने सबसे पहले गोरखपुर जंक्शन और गोरखपुर कैंट के मध्य पुल संख्या 176 का निरीक्षण किया। इसके बाद गोरखपुर कैंट रेलवे स्टेशन पर तीसरी नई विद्युतीकृत रेल लाइन के मानक के अनुरूप संरक्षा अभिलेखों, यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रूल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, पॉइंट क्रासिंग, सिगनलिंग, फाउलिंग मार्क, पैनल इंटरलॉकिंग, बैटरी रूम, रिले रूम को देखा।
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गोरखपुर कैंट-कुसम्ही रेलखंड को जोड़ने वाली लाइन के ट्रेलिंग प्वाइंट का निरीक्षण किया। स्टेशन मास्टर से सवाल पूछे और रेल लाइनों की सुरक्षा की जानकारी ली। इसके बाद मोटर ट्राली से गोरखपुर कैंट-कुसम्ही रेल खंड पर नवनिर्मित तीसरी लाइन का निरीक्षण करते हुए कर्वेचर संख्या-3 ए एवं 3 बी पर पहुंचे और कर्व के इंडेंट एवं ओवर हेड ट्रैक्शन पर अभिकेन्द्र त्वरण का मापन किया। इस दौरान उन्होंने समपार फाटक सं-115 सी का निरीक्षण किया और गेटमैन से भी सुरक्षा संबंधित सवाल पूछे।
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संरक्षा आयुक्त ने इस खंड के रेलवे क्रॉसिंगों पर चेतावनी बोर्ड एवं हाइट गेजों काे भी देखा। निरीक्षण के अंत में रेल संरक्षा आयुक्त ने किमी. सं-497/15 पर स्विच एक्स्टेंशन ज्वाइंट का निरीक्षण किया। कुसम्ही स्टेशन की रनिंग एवं साइडिंग लाइनों से नई तीसरी लाइन की कनेक्टिविटी भी जांची और स्टेशन पर तीसरी लाइन के अनुरूप नए यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रूल, स्टेशन पैनल, प्वाइंट्स एंड क्रॉसिंग एवं नए स्थापित सिग्नलों का निरीक्षण किया। इस रेल खंड पर पड़ने वाले समपार फाटकों पर तीसरी लाइन के अनुरूप किए गए बदलाव को देखा और सुरक्षा उपायों की जानकारी ली।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि कैंट से कुसम्हीं तक का निरीक्षण पूरा होने के बाद इस विद्युतीकृत नवनिर्मित तीसरी लाइन पर सीआरएस स्पेशल ट्रेन ने कुसम्हीं से गोरखपुर कैंट रेल खंड पर अधिकतम 120 किमी. प्रति घंटा की गति से स्पीड ट्रायल को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस रूट पर लिया गया मेगा ब्लॉक भी समाप्त हो गया है। मंगलवार से सभी ट्रेन सामान्य समय सारिणी के अनुसार चलेंगी।
ये अफसर रहे मौजूद
इस सीआरएस निरीक्षण के दौरान पूर्वाेत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एससी श्रीवास्तव, मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ आदित्य कुमार, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी विनीत कुमार श्रीवास्तव, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) वाराणसी राहुल श्रीवास्तव, मुख्य इंजीनियर निर्माण एसके कन्नौजिया, मुख्य इंजीनियर निर्माण अखिलेश कुमार त्रिपाठी, मुख्य विद्युत डिजाइन इंजीनियर निर्माण सुरेश कुमार, मुख्य सिगनल एवं दूर संचार इंजीनियर निर्माण नीलाभ महेश सहित लखनऊ एवं वाराणसी मंडल के मंडलीय एवं निर्माण संगठन के वरिष्ठ मौजूद रहे।
तीसरी लाइन बनने से ये होंगे फायदे
तीसरी लाइन के निर्माण से ट्रेनों को चलाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार हो गया है। कैंट स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों को सिगनल के अभाव में रोका नहीं जाएगा। वे फर्राटा से आगे बढ़ जाएंगी। इससे ट्रेनों के समय पालन में सुधार होगा। इसके साथ ही इस रेल खंड पर चलने वाली मालगाड़ियों को भी समय से आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा, जिससे व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।