काउंसलिंग कर रही यातायात पुलिस: खोपड़िया आप ही का है, बिना हेलमेट भुगतिएगा भी आप ही...
एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि स्टंट और नियम तोड़ने वालों की लगातार काउंसलिंग की जा रही है। यातायात सुचारु रूप से चल सके, इसके लिए सभी चौराहों पर यातायात पुलिस और होमगार्ड की ड्यूटी है। बारा-बार नियम तोड़ने के मामलों में जुर्माना कर शमन शुल्क वसूला जा रहा है।
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गोरखपुर शहर के गणेश चौराहा पर बृहस्पतिवार को दोपहर 12.27 बजे कान में ईयरफोन लगाए और बगैर हेलमेट स्कूटी से जा रही महिला पुलिसकर्मी ने रोका। कहा- आपने ईयरफोन लगा रखा है, आसपास के वाहनों का हार्न कैसे सुनेंगी। ध्यान बंटने से हादसा हो सकता है। हेलमेट नहीं लगाने के सवाल पर, जवाब आया कि पास में ही जाना है। इस पर फिर सिपाही ने कहा कि खोपड़िया तो आप ही का है, भुगतना आप को ही पड़ेगा।
पुलिसकर्मी ने महिला को समझाया और अगली बार गलती होने पर जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी। दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ के जुर्माना वसूलने में नरमी के संकेत के बाद यातायात पुलिस का चालान करने की जगह काउंसलिंग पर जोर है। यातायात नियमों के पालन को प्रेरित करने के लिए इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की मदद भी ली जा रही है।
चौराहों पर ट्रैफिक लाइट होने पर नियमों के बारे में एनाउसमेंट कर लगातार सचेत किया जा रहा है। बाएं लेन को खाली रखने, एंबुलेंस को रास्ता न देने पर पांच हजार रुपये का चालान किए जाने की चेतावनी दी जा रही है। इसका असर यह है कि धीरे-धीरे ही सही शहरवासी नियमों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। बाएं लेन पर अब कम ही गाड़ियां अवरोधक बन रही हैं।
बृहस्पतिवार को भी यातायात पुलिस मोहद्दीपुर, यूनिवर्सिटी, गणेश चौक समेत अन्य चौराहों पर बाएं लेन को खाली कराने के लिए मुस्तैद नजर आई। पैडलेगंज के पास बाएं लेन पर कार लेकर आए एक शख्स को पुलिस किनारे कराया और पता चला कि यह उनकी तीसरी गलती है, जिसके बाद उनका जुर्माना काटा गया।
आड़े-तिरछे तिराहे और चौराहे के सिग्नल बने मुसीबत
दोपहर 2.40 बजे छात्रसंघ चौराहे के पास एक शख्स गाड़ी लेकर आगे बढ़ गया और फंस गया। यातायात पुलिसकर्मी के वजह पूछने पर शख्स ने ट्रैफिक लाइट की दुहाई दी। दरअसल, सामने वाली लाइट पर काउंटिंग शून्य हो गई थी और वह आगे बढ़ गया, जबकि वह पीछे से आने वाली लेन का सिंग्नल था। इसी तरह, पैडलेगंज, यूनिवर्सिटी और कई ऐसे चौराहे हैं, जहां पर सिग्नल अभी मुसीबत बने हुए है। दूसरे, ट्रैफिक लाइट के सामने कई जगह होर्डिंग का अवरोध है, जिससे परेशानी होती हैं।
बच्चों, कीमती सामान को खोजने में भी मददगार
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत चौराहों पर लगे स्पीकर से एनाउंस कर कीमती सामान और बच्चों को खोजने में भी पुलिस मददगार बन रही है। बृहस्पतिवार को भी असुरन के सुशील वर्मा का बैग खोजने में पुलिस मददगार बनी। वह ऑटो से उतरे और बैग उसी में छूट गया था। जानकारी के बाद पुलिस ने सूचना प्रसारित की और उनका बैग मिल गया। दिसंबर में 12 गुुमशुदा लोगों को उनके अपनों से मिलाया गया। 98 बैग, पांच मोबाइल फोन और सात लैपटॉप की भी तलाश की गई थी।
इस तरह ले सकते हैं मदद
आईटीएमएस कार्यालय के मोबाइल नंबर 8081208567 पर कॉल करें। फोन नहीं रहने पर सड़क किनारे लगे बाक्स में जाकर अपनी समस्या बताइए। 21 चौराहों पर आईटीएमएस के तहत इमरजेंसी बाक्स लगाए गए हैं। इमरजेंसी बाक्स में लगे लाल बटन को दबाकर कोई भी व्यक्ति अपनी बात कंट्रोल रूम में पहुंचा सकता है। कंट्रोल रूम में बैठा आपरेटर समस्या और जगह की जानकारी लेने के बाद तत्काल 112 नंबर पर फोन कर सहायता भेजेरा। यदि कोई हादसा हुआ है तो कंट्रोल रूम से एंबुलेंस के लिए भी मदद मांगी जा सकती है।
एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि स्टंट और नियम तोड़ने वालों की लगातार काउंसलिंग की जा रही है। यातायात सुचारु रूप से चल सके, इसके लिए सभी चौराहों पर यातायात पुलिस और होमगार्ड की ड्यूटी है। बारा-बार नियम तोड़ने के मामलों में जुर्माना कर शमन शुल्क वसूला जा रहा है। इसका असर हुआ है। अब हेलमेट न लगाने की लापरवाही में कम लोग पकड़े जा रहे हैं।