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Gorakhpur News: पर्यटक जान सकेंगे पर्यटन स्थलों का इतिहास
Sat, 17 Feb 2024 03:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 17 Feb 2024 03:18 AM IST
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विभाग प्रमुख पर्यटन स्थलों लगवाएगा शिलापट्ट
शिलापट्ट पर लिखा जाएगा उस स्थान का इतिहास और महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में आने वाले पर्यटकों को अब पर्यटन स्थलों पर वहां के इतिहास और उसके महत्व की जानकारी मिल जाएगी। इसकी कवायद पर्यटन विभाग ने शुरू कर दी है।
गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, तरकुलहा माता मंदिर, बुढि़या माता मंदिर, विष्णु मंदिर, गीता वाटिका, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर, अघोरपीठ, बसंतपुर सराय, इमामबाड़ा इस्टेट सहित कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं जिनका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है, लेकिन लोग इसके इतिहास और महत्व के बारे में नहीं जानते हैं और सिर्फ घूमकर वापस लौट जाते हैं। पर्यटन विभाग इन जगहों पर शिलापट्ट लगाएगा, जिन पर उस जगह के इतिहास और उसके महत्व को उकेरा जाएगे, ताकि पर्यटन उस जगह के इतिहास और महत्व को जान सकें।
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पहले लगते थे शाइन बोर्ड
पर्यटन विभाग पहले पर्यटक स्थलों पर साइन बोर्ड लगाता था, लेकिन ये बोर्ड ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाते थे। शाइन बोर्ड या तो खराब हो जाते थे या फिर इन्हें कोई उठा ले जाता है। ऐसे में पर्यटन विभाग अब पर्यटन स्थलों पर शाइन बोर्ड की जगह शिलापट्ट लगवाने का निर्णय लिया है।
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कोट
शाइन बोर्ड ज्यादा दिनों तक टिकते नहीं थे, इनके खराब होने से पर्यटक इनके इतिहास व महत्व के बारे में नहीं जान पाते थे। ऐसे में पर्यटन विभाग ने जिले में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर शिलापट्ट लगाने का निर्णय लिया है। इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
- रविंद्र कुमार मिश्र, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
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शिलापट्ट पर लिखा जाएगा उस स्थान का इतिहास और महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में आने वाले पर्यटकों को अब पर्यटन स्थलों पर वहां के इतिहास और उसके महत्व की जानकारी मिल जाएगी। इसकी कवायद पर्यटन विभाग ने शुरू कर दी है।
गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, तरकुलहा माता मंदिर, बुढि़या माता मंदिर, विष्णु मंदिर, गीता वाटिका, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर, अघोरपीठ, बसंतपुर सराय, इमामबाड़ा इस्टेट सहित कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं जिनका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है, लेकिन लोग इसके इतिहास और महत्व के बारे में नहीं जानते हैं और सिर्फ घूमकर वापस लौट जाते हैं। पर्यटन विभाग इन जगहों पर शिलापट्ट लगाएगा, जिन पर उस जगह के इतिहास और उसके महत्व को उकेरा जाएगे, ताकि पर्यटन उस जगह के इतिहास और महत्व को जान सकें।
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पहले लगते थे शाइन बोर्ड
पर्यटन विभाग पहले पर्यटक स्थलों पर साइन बोर्ड लगाता था, लेकिन ये बोर्ड ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाते थे। शाइन बोर्ड या तो खराब हो जाते थे या फिर इन्हें कोई उठा ले जाता है। ऐसे में पर्यटन विभाग अब पर्यटन स्थलों पर शाइन बोर्ड की जगह शिलापट्ट लगवाने का निर्णय लिया है।
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शाइन बोर्ड ज्यादा दिनों तक टिकते नहीं थे, इनके खराब होने से पर्यटक इनके इतिहास व महत्व के बारे में नहीं जान पाते थे। ऐसे में पर्यटन विभाग ने जिले में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर शिलापट्ट लगाने का निर्णय लिया है। इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
- रविंद्र कुमार मिश्र, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी