{"_id":"631c5e264f576e52db3bdd23","slug":"tomato-flu-attack-on-children-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: बुखार की चपेट में बच्चे, लाल दानों ने बढ़ाई चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: बुखार की चपेट में बच्चे, लाल दानों ने बढ़ाई चिंता
Sat, 10 Sep 2022 03:33 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 10 Sep 2022 03:33 PM IST
सार
बच्चों के शरीर पर लाल चकत्ते देखकर जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल गोरखनाथ की नर्सरी से कक्षा दो तक की कक्षाएं निलंबित कर दी गई हैं। माता-पिता को जो नोटिस दिया गया है उसमें साफ लिखा गया है कि बच्चों के शरीर पर लाल रंग के चकत्ते दिखाई पड़ रहे हैं। सतर्कता के लिहाज से 17 सितंबर तक कक्षाएं निलंबित की जा रही हैं।
विज्ञापन
टोमैटो फ्लू(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर जिले में टोमैटो फ्लू फैल गया है। इसकी चपेट में दस वर्ष से कम उम्र के बच्चे ज्यादा हैं। पैर, हाथ, शरीर पर लाल चकत्ते और मुंह में छाले पड़ रहे हैं। तेज बुखार के साथ सुस्ती आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि पीड़ित बच्चों को होम आइसोलेट करके फ्लू के प्रसार पर काबू पाया जा सकता है।
विज्ञापन
शहरी व ग्रामीण इलाकों में टोमैटो फ्लू ने पांव पसार लिया है। सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, हर दसवां मरीज टोमैटो फ्लू का आ रहा है। इनमें स्कूली बच्चे ज्यादा हैं। डॉक्टरों का कहना है कि टोमैटो फ्लू भी संक्रामक होता है। जैसे ही लक्षण दिखाई पड़ें, वैसे ही व्यक्ति को आइसोलेट कर दें। डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें।
विज्ञापन
जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल में नर्सरी से कक्षा दो तक की कक्षाएं निलंबित
बच्चों के शरीर पर लाल चकत्ते देखकर जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल गोरखनाथ की नर्सरी से कक्षा दो तक की कक्षाएं निलंबित कर दी गई हैं। माता-पिता को जो नोटिस दिया गया है उसमें साफ लिखा गया है कि बच्चों के शरीर पर लाल रंग के चकत्ते दिखाई पड़ रहे हैं। सतर्कता के लिहाज से 17 सितंबर तक कक्षाएं निलंबित की जा रही हैं। 18 सितंबर को रविवार है। लिहाजा, 19 सितंबर से दोबारा कक्षाएं लगाई जाएंगी। शनिवार (10 सितंबर) से प्रस्तावित पीटी की अर्द्धवार्षिक परीक्षा अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दी गई है। परीक्षा की अगली तारीख जल्द घोषित होगी।
विज्ञापन
लक्षण
बचाव
चंद्रा मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ दिनेश चंद्रा ने कहा कि बच्चों के शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई पड़ें तो उन्हें स्कूल भेजने से बचें। मेडिकल स्टोर से खरीदकर दवाएं न खिलाएं। डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें। बचाव बहुत जरूरी है। इस तरह के मरीज ओपीडी में ज्यादा आ रहे हैं। हर किसी को आइसोलेट करने की सलाह दी जा रही है।
- तेज बुखार, बुखार के साथ सुस्ती व थाकावट महसूस करना
- हाथ, पैर व शरीर में लाल रंग के चकत्ते, जो दर्द करते हैं
- मुंह में छाले की वजह से खान-पान में दिक्कत
बचाव
- 7-10 दिनों तक आइसोलेशन में रखें।
- लक्षण दिखने के बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
- खाने में सामान्य आहार दें, तरल पदार्थ ज्यादा पीएं
चंद्रा मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ दिनेश चंद्रा ने कहा कि बच्चों के शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई पड़ें तो उन्हें स्कूल भेजने से बचें। मेडिकल स्टोर से खरीदकर दवाएं न खिलाएं। डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें। बचाव बहुत जरूरी है। इस तरह के मरीज ओपीडी में ज्यादा आ रहे हैं। हर किसी को आइसोलेट करने की सलाह दी जा रही है।