{"_id":"64b0d373358f91501e0404f4","slug":"tired-of-illness-je-committed-suicide-in-maharajganj-2023-07-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बंद कमरे का हाल देख सभी दंग: बीमारी से तंग JE ने की आत्महत्या, कलाई की काटी नस; पूरी रात तड़प कर तोड़ा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद कमरे का हाल देख सभी दंग: बीमारी से तंग JE ने की आत्महत्या, कलाई की काटी नस; पूरी रात तड़प कर तोड़ा दम
Fri, 14 Jul 2023 10:21 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 14 Jul 2023 10:21 AM IST
सार
बंद कमरे का फाटक तोड़कर पुलिस ने जब अंदर प्रवेश किया तो जेई राजेश सिंह का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था। शरीर पर बनियान के अलावा कोई कपड़ा नहीं था। दोनों कलाई की नस कटी हुई थी। जिसके चलते शरीर से पूरा खून निकल गया था।
विज्ञापन
जेई राजेश सिंह की मौत के बाद कमरे का दरवाजा खोलती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महराजगंज शहर के सिविल लाइन मुहल्ले में एक किराए के मकान में बीमारी से तंग आकर यूपी सिडको के अवर अभियंता राजेश सिंह (50) ने कलाई की नस काटकर जान दे दी। वह शाम को काम से लौटे तो आसपास रहने वालों से कोई बातचीत नहीं की। सीधे कमरे में गए और अंदर से फाटक को बंद कर लिया। आसपास के लोगाें के अनुसार वह रात कमरे से बाहर भी नहीं निकले। सुबह को देर तक कमरा नहीं खुला तो अनहोनी की आशंका हुई।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को जब पुलिस की मौजूदगी में कमरा खुला तो कमरे के फर्श पर खून फैला था। उनका शरीर बिस्तर पर निढाल पड़ा था। कलाई पर कटे के निशान थे। कलाई की नसों को काटा गया होगा और उसमें से रक्त धीरे-धीरे निकला होगा।
विज्ञापन
जानकारों के अनुसार, जिस तरह की स्थिति नजर आ रही थी उससे लग रहा था कि रक्त निकलने के दौरान वह कमरे में तड़पे होंगे। इधर-उधर छटपटाए होंगे। जब रक्त बह गया होगा तो उनकी मौत हुई होगी। वहीं, मौत की घटना को सोचकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि अवर अभियंता काफी मिलनसार स्वभाव के थे। वह कभी किसी से उलझते नहीं थे।
विज्ञापन
अगर कोई उनके टेढ़ी बात भी करता था तो वे हंसकर चले जाते थे। कमरे के आस पास के लोग बताते हैं कि वह जरूरत होने पर ही किसी से बातचीत करते थे। लोगों का कहना था कि इस बात का बिलकुल अंदाजा नहीं था कि बीमारी की वजह से वह ऐसा कदम उठाएंगे। हालांकि, इधर उन्होंने एक सप्ताह से बातचीत एकदम ही बंद कर दी थी। अपने में गुमसुम रहते थे। अचानक हुई इस घटना से सभी को झकझोर कर रख दिया है।
रुद्रांश और खुशी के सिर से उठा पिता का साया
मृत अवर अभियंता राजेश सिंह को एक बेटा व एक बेटी हैं। बेटे का नाम रुद्रांश और बेटी का नाम खुशी है। बेटा रुद्रांश (23) बीटेक कर चुका है, जबकि बेटी खुशी (13) कक्षा आठवीं के छात्रा है। रुद्रांश ने कहा कि पिता की तबीयत खराब होने के बावजूद भी वह दोस्तों की तरह उनकी और बहन को भविष्य को लेकर हमेशा सलाह देते रहते थे। आज पिता की मौत होने से ऐसा लग रहा है कि अब वह अकेले हो चुके हैं। पापा की हर बात याद आ रही है। उनकी कमी जीवन भर खलती रहेगी। कभी कोई जरूरत होती तो तुरंत पूरा करते थे।
कमरे में बिस्तर पर पड़ा था शव
बंद कमरे का फाटक तोड़कर पुलिस जब अंदर प्रवेश की तो जेई राजेश सिंह का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था। शरीर पर बनियान के अलावा कोई कपड़ा नहीं था। दोनों कलाई की नस कटी हुई थी। जिसके चलते शरीर से पूरा खून निकल कमरे में पसर गया था।
कमरे में बिस्तर पर पड़ा था शव
बंद कमरे का फाटक तोड़कर पुलिस जब अंदर प्रवेश की तो जेई राजेश सिंह का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था। शरीर पर बनियान के अलावा कोई कपड़ा नहीं था। दोनों कलाई की नस कटी हुई थी। जिसके चलते शरीर से पूरा खून निकल कमरे में पसर गया था।