गोरखपुर विश्वविद्यालय में बवाल: छात्रावास से सामान बाहर फेंका, नाराज छात्रों ने की सड़क जाम, लगाए हाय-हाय के नारे
मेस का पैसा लिया लेकिन खाना नहीं दिया, हीटर पर खुद भोजन बनाते थे छात्रावासी, सवा घंटे बाद पुलिस के समझाने पर माने प्रदर्शनकारी छात्र।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बिना किसी सूचना के बृहस्पतिवार की देर रात संतकबीर छात्रावास में छापा मारकर अवैध रूप से रह रहे छात्रों के सामान को बाहर फेंक दिया। इस दौरान कई कमरों में ताले बंद मिले, जिसे विवि प्रशासन की देखरेख में तोड़ा गया। इससे नाराज छात्रों ने देर रात यूनिवर्सिटी चौराहा-मोहद्दीपुर रोड जाम कर दी। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ हाय-हाय के नारे लगाए। करीब 10:30 बजे के आसपास जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और समझाया, तब जाकर छात्र माने।
जानकारी के मुताबिक कुलपति ने बृहस्पतिवार को वार्डेन के साथ बैठक करते हुए अवैध रूप से रह रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। बैठक के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. सतीश चन्द पांडेय, चीफ वार्डेन प्रो. शिवाकांत सिंह, संतकबीर छात्रावास के वार्डेन प्रो. उमेश यादव ने संतकबीर छात्रावास पर छापा मारा। इस दौरान कई कमरों में अवैध रूप से ताले लगे मिले। कमरों के ताले तोड़वाकर उसमें रखे सामान को बाहर फिंकवाकर कमरों को बंद करा दिया गया।
छात्रावास से 80 हीटर बरामद, सभी नष्ट किए गए
अधिकृत रूप से करीब 86 छात्र संतकबीर छात्रावास में रह रहे हैं। उन सभी कमरों की तलाशी ली गई। इस दौरान करीब 80 से ज्यादा हीटर बरामद किया गया। सभी हीटरों को नष्ट कर दिया गया। साथ ही सख्त हिदायत भी दी गई कि दोबारा छात्रावास में हीटर का प्रयोग करते हुए पकड़े गए तो कार्रवाई की जाएगी।
मेस का संचालन नहीं हो रहा तो करें क्या?
छात्रों ने आरोप लगाया कि नवम्बर में छात्रावास एलाट करते समय ही करीब 19 हजार रुपये मेस के मद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जमा कराए थे। इसके बाद जनवरी में सिर्फ एक महीने मेस चला। उसके बाद से मेस बंद है। इसकी वजह से मजबूरी में खाना बनाने के लिए विवश है। जबकि, इसकी जानकारी कई बार विवि प्रशासन को दी है। उसके बाद भी कोई पहल नहीं हुई। ऐसी स्थिति में हीटर भी नष्ट कर दिया गया। अब खाना बनाने की दिक्कत होगी।
सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर माने हॉस्टल के छात्र
विवि प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद छात्रों ने लामबंदी शुरू कर दी। रात में करीब नौ बजे के आसपास सौ की संख्या में छात्र जुटे और सड़क पर बाल्टी, थाली, प्लेट, गिलास लेकर प्रदर्शन करने लगे। सड़क जाम की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर कैंट, चीफ वार्डेन प्रो. एसके सिंह, वार्डेन प्रो. उमेश यादव वहां पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने छात्रों को आश्वासन दिया कि शुक्त्रस्वार से ही छात्रावासियों के लिए टिफिन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद वह माने।
कुलाधिपति के ओएसडी ने भी जताई थी नाराजगी
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के ओएसडी डॉ. पंकज एल जानी ने भी दो अप्रैल को विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्रावासों का भी निरीक्षण किया था। इस दौरान वहां की व्यवस्था और छात्रावासों में हीटर के प्रयोग पर पर नाराजगी जताई थी।