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Gorakhpur News: राप्तीसागर एक्सप्रेस में महंगी शराब बेचने वाले गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही जीआरपी

Sun, 19 Jul 2026 02:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:51 AM IST
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Three more names revealed during the interrogation of the three arrested coach attendants.
- गिरफ्तार तीन कोच अटेंडेंटों से पूछताछ में मिले तीन और नाम
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- मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज से जांच तेज, बाजार मूल्य से दोगुने दाम पर बेचते थे शराब

गोरखपुर। राप्तीसागर एक्सप्रेस में यात्रियों को बाजार मूल्य से लगभग दोगुने दाम पर शराब बेचने के मामले में गिरफ्तार तीन कोच अटेंडेंटों से पूछताछ के बाद जीआरपी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आरोपितों से पूछताछ में गिरोह से जुड़े तीन और लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब उनकी पहचान कर दबिश देने की तैयारी कर रही है।
जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिए पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि अवैध शराब बिक्री का यह धंधा केवल राप्तीसागर एक्सप्रेस तक सीमित था या दूसरी लंबी दूरी की ट्रेनों में भी इसका संचालन हो रहा था।
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शुक्रवार को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने प्लेटफाॅर्म नंबर नौ के पूर्वी छोर से तीन कोच अटेंडेंटों को गिरफ्तार किया था। इनमें रवि कुमार निवासी प्रहलादपुर, थाना सोरों (कासगंज), रोहित कुमार निवासी सूरेला, थाना जसराना (फिरोजाबाद) और सौरभ सिंह निवासी बड़पुर, थाना बेवर (मैनपुरी) शामिल हैं। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 40 लीटर देसी शराब और 1.260 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया था कि वे गोरखपुर से तिरुवनंतपुरम जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस में यात्रियों को शराब बेचते थे।
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आपूर्ति करने वालों की तलाश, भूमिका की हो रही जांच
पूछताछ में सामने आए तीन नए नामों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि ये लोग शराब की व्यवस्था करने, उसे ट्रेन तक पहुंचाने और बिक्री के लिए समन्वय करने में मदद करते थे। जीआरपी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं और क्या किसी अन्य स्तर पर भी उन्हें संरक्षण या सहयोग मिल रहा था।

सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड से खुलेगा नेटवर्क का राज
जीआरपी थाना प्रभारी अनुज सिंह ने बताया कि मामले की जांच सर्विलांस और सीसी कैमरा फुटेज के आधार पर की जा रही है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि अवैध शराब बिक्री की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को थी या नहीं। नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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