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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Three days will be reserved for small farmers for purchase of paddy at Kisan Purchasing Center

धान खरीद: छोटी जोत के किसानों को बड़ा सम्मान, खरीद के लिए तीन दिन आरक्षित

Fri, 17 Sep 2021 02:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 17 Sep 2021 02:23 PM IST
सार

कमिश्नर रवि कुमार एनजी और आरएफसी ने बैठक कर जांची तैयारी, बोले- हर किसान से होगी खरीद। छोटे किसानों के लिए आरक्षित दिनों में निर्धारित मात्रा पर ही फिक्स कर दिया जाएगा तौल का कांटा।

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Three days will be reserved for small farmers for purchase of paddy at Kisan Purchasing Center
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में एक नवंबर से शुरू होने जा रही धान खरीद में छोटे किसानों का खास ख्याल रखने के लिए कमिश्नर रवि कुमार एनजी और आरएफसी प्रेम रंजन सिंह ने नई पहल की है। कोई भी लघु एवं सीमांत किसान क्रय केंद्र से खाली न लौटे, इसलिए सप्ताह में तीन दिन सिर्फ उनके लिए आरक्षित किया जाएगा। ये तीन दिन कौन से होंगे, क्रय शुरू होने से पूर्व इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर रवि कुमार एनजी और आरएफएसी प्रेम रंजन सिंह ने बृहस्पतिवार को बैठक कर धान खरीद की तैयारियां जांचते हुए, बाकी बचे कार्यों को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। आरएफसी ने बताया कि छोटे किसानों से खरीद हर हाल में की जाएगी। इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। दो दिनों में केंद्रों का निर्धारण करने का निर्देश दिया गया।
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खरीद से जुड़ी शिकायतें सुनने के लिए तैनात होंगे कंप्यूटर ऑपरेटर
सभी केंद्रों पर अनिवार्य तौर पर खरीद हो किसी किसान को खाली न लौटाया जाए, इसके लिए बैठक में तय हुआ कि आरएफसी कार्यालय में चार कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे। उन्हें स्मार्ट फोन दिया जाएगा और उनके मोबाइल नंबर मंडल के सभी क्रय केंद्रों पर चस्पा होंगे। केंद्र पर आने वाले किसान से यदि धान नहीं खरीदा जाता है तो किसान इन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं, तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सुबह 10 से शाम छह बजे तक ये ऑपरेटर कार्यालय में बैठेंगे। रोज आने वाली शिकायतों को रजिस्टर में भी दर्ज किया जाएगा। यह कॉल सेंटर 15 अक्तूबर के बाद शुरू हो जाएगा।
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आरएफसी रोजाना करेंगे 10 से 15 केंद्रों का निरीक्षण
आरएफसी ने बताया कि वह रोजाना  करीब 10 से 15 केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। उनके अलावा आरएमओ एवं जिलों के डिप्टी आरएमओ भी जांच करेंगे। किसी भी किसान से धान खरीदने में आनाकानी हुई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
 

मंडल स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप भी बनेगा

कमिश्नर की निगरानी मंडल स्तर पर एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। इसमें कमिश्नर, आरएफसी, आरएमओ, सभी जिलों के डिप्टी आरएमओ आदि शामिल रहेंगे। इसके जरिए किसानों की समस्या सुनी जाएगी।
 
आरएफसी प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि धान खरीद को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। किसी भी क्रय केंद्र से कोई किसान बिना अपनी उपज बेचे न लौटे इसे सुनिश्चित कराया जाएगा। पूर्वांचल में छोटी जोत के किसान ज्यादा है, लिहाजा उनकी सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। सप्ताह में तीन दिन सिर्फ उनके लिए निर्धारित किया जाएगा। शिकायतें सुनने के लिए कॉल सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जा रहा है। 24 घंटे शिकायत की जा सकती है।
 
कोटेदारों का बकाया भुगतान भी जल्द होगा
मंडल के कोटेदारों का वर्ष 2001 से बकाया लाभांश एवं परिवहन के मद में बकाया भुगतान कराया जा रहा है। कमिश्नर रवि कुमार एनजी की पहल पर अब तक 37 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। आरएफसी ने बताया कि इतना ही भुगतान और बचा है, जल्द ही इसे भी करा दिया जाएगा। इसके लिए हर जिले में बैठक की जाएगी। 10 दिन के भीतर चारों जिलों में बैठक होगी। पहली बैठक शुक्रवार को महराजगंज में होगी, जिसमें आरएफसी, आरएमओ, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, सभी विपणन निरीक्षक एवं पूर्ति निरीक्षक मौजूद रहेंगे। दोनों विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में भुगतान की समीक्षा की जाएगी और समस्या का निराकरण कराते हुए भुगतान किया जाएगा।
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